मौसेरे भाई को देखते हुए मैं भी जिगोलो बन गया

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मेरा नाम राजेश है मैं लखनऊ का रहने वाला हूं और मैं एक छोटी सी कंपनी में नौकरी करता हूं,

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मेरी उम्र 26 वर्ष है। मैंने अपनी पढ़ाई के बाद ही नौकरी करना शुरू कर दिया था। मेरे पिताजी पुलिस में है इसलिए वह बहुत ही गुस्से वाले व्यक्ति हैं और वह किसी से भी अच्छे से बात नहीं करते।

मुझे भी कई बार लगता है कि यदि मैं नौकरी नहीं कर रहा होता तो शायद वह मुझ पर भी बहुत गुस्सा होते क्योंकि वह जब भी घर पर होते हैं तो उनका मूड बहुत ही चिड़चिड़ा रहता है इसलिए मैं उनके पास बिल्कुल भी बैठना पसंद नहीं करता। मेरी मम्मी भी उनसे बहुत परेशान रहती है परंतु अब उन्हें आदत पड़ चुकी है

इसलिए वह उनके साथ ही अपना जीवन बिता रही हैं। मैं कई बार अपनी मम्मी से मजाक में कहता हूं कि आप पापा के साथ अपना जीवन कैसे बीता रहे हैं, वह कहती हैं कि अब मुझे आदत हो चुकी है

और मुझे उनकी किसी भी बात का बिल्कुल बुरा नहीं लगता। मैंने उन्हें कई बार कहा कि जब वह आपको डांटते हैं तो क्या आप उन्हें कुछ कह नहीं सकती, वह कहती है कि उन्हें कह कर कुछ फायदा ही नहीं है वह किसी की भी बात नहीं सुनते।

मेरे पापा की भी दो बहने हैं लेकिन वह भी कभी हमारे घर नहीं आती क्योंकि मेरे पापा को ना जाने कब गुस्सा आ जाए, वह किसी को भी नहीं पता होता इसलिए मेरी बुआ भी हमारे घर पर नहीं आते। मेरी बहन की शादी को भी एक वर्ष हो चुका है और जब से उसकी शादी हुई है, उसके बाद से वह एक आद बार घर पर आई है।

जब भी मेरी अपनी बहन से फोन पर बात होती है तो वह हमारे बारे में पूछती है, मैं उसे कहता हूं कि हम लोग बहुत अच्छे से हैं लेकिन मुझे जब भी वह हो पिताजी के बारे में पूछती है तो

मैं अपनी बहन से कहता हूं कि तुम ही घर आकर उनके हाल-चाल पूछ लिया करो, वह भी बहुत जोर जोर से हंसने लगती जब मैं उसे इस प्रकार की बातें करता हूं। काफी समय बाद मेरी मौसी का लड़का रवि हमारे घर पर आया, वह मुझसे 2 साल बड़ा है

लेकिन वह जिस ठाटबाट से रहता है वह मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। उसने सोने की मोटी मोटी चेने अपने गले में डाल रखी है और वह अपनी गाड़ी में ही घर आता है।वह जब हमारे घर पर आया तो मैं उससे पूछने लगा कि तुम तो बहुत ही पैसे वाले हो गए हो, वह कहने लगा कि बस यह मेहनत का ही फल है।

रवि की मेरे पिताजी के साथ बहुत बनती है और वह उनको अच्छे से समझ पाता है। मुझे आज तक समझ नहीं आया कि उसकी और मेरे पिताजी की इतनी क्यों बनती है, जब भी रवि हमारे घर पर आता है तो मेरे पिताजी उसकी बहुत तारीफ करते हैं और कहते हैं

कि रवि ने बहुत जल्दी ही तरक्की पाली है। मैंने उस दिन रवि को कहा कि तुम्हारे पास अभी वक्त है तो तुम मेरे साथ कुछ देर मेरे कमरे में बैठ जाओ। रवि मेरे साथ मेरे कमरे में आ गया और वह मेरे साथ ही बैठा हुआ था।

मैंने उसे कहा कि मैं भी तुम्हारे जैसे ही बनना चाहता हूं। वह कहने लगा की तुम अपनी नौकरी कर तो रहे हो, मैं उसे कहने लगा कि मेरी नौकरी से मेरे खर्चे नहीं चल पा रहे हैं।

मेरी एक छोटी सी नौकरी है उससे मैं सिर्फ अपना जेब खर्चा ही निकाल पा रहा हूं लेकिन मुझे भी तुम्हारे जैसे कुछ बड़ा करना है, रवि पहले मुझे मना कर रहा था लेकिन बाद में उसने कहा कि ठीक है इस बार जब मैं बेंगलुरु जाऊंगा तो मैं तुम्हें अपने साथ ही ले चलूंगा।

अब मैं बहुत खुश था जब रवि ने मुझे कहा कि मैं तुम्हें अपने साथ बेंगलुरु लेकर चलूंगा। वह मेरे पिताजी से मिला तो मेरे पिता जी से मिलकर बहुत खुश हुए।

उस दिन उसने मेरे पिताजी से कहा कि मैं राजेश को अपने साथ बेंगलुरु लेकर जा रहा हूं, मेरे पिताजी कहने लगे ठीक है तुम उसे अपने साथ बेंगलुरु लेकर जाओ, वैसे भी कौन सा यहां पर वह बहुत बड़ी नौकरी कर रहा है। जब मेरे पिताजी ने यह बात कही तो मैं उसके बाद अपने कमरे में चला गया।

रवि कुछ देर हमारे घर पर बैठा हुआ था और उसके बाद वह भी अपने घर चला गया। कुछ दिनों बाद मैंने रवि को फोन किया और पूछा कि हमें कब बेंगलुरु जाना है, वह कहने लगा कि हम लोग अगले हफ्ते बेंगलुरु चलते हैं।

मैंने अपने ऑफिस से भी रिजाइन दे दिया था और मेरे जो भी पैसे बचे हुए थे वह सब मैंने अपने ऑफिस से ले लिए।एक हफ्ते के दौरान मैंने अपने सारे काम निपटा लिए थे और उसके बाद मैं रवि के साथ जाने के लिए तैयार था।

रवि हमारे घर पर रात को आया और कहने लगा कि हम लोग सुबह बेंगलुरु चलेंगे, मैंने फ्लाइट की टिकट बुक करवा दी है। मैंने उसे कहा ठीक है मैंने भी अपना सारा सामान पैक कर लिया है। अब मैं रवि के साथ बेंगलुरु चला गया। जब मैं उसके साथ बेंगलुरु में उसके घर पर गया तो उसका घर बहुत ही शानदार था।

मैंने उसे पूछा कि तुम्हारे तो बहुत ही ठाट बाट है, वह खनर लगा यह सब मेहनत से ही मिला है। रवि कहने लगा मैं बहुत थक गया हूं, रवि ने अपने फ्रिज से बियर की बोतल निकाली और हम दोनों साथ में बैठकर बियर पीने लगे।

अब रवि को भी नशा होने लगा था और मैं उससे पूछने लगा कि तुमने तो बहुत ज्यादा तरक्की कर ली है और मेरे घर वाले भी तुम्हारी बहुत तारीफ करते हैं, रवि खुश हो रहा था और कह रहा था कि मुझे भी नहीं पता था कि मैं इतनी जल्दी इतने पैसे कमा पाऊंगा। मैंने उससे पूछा कि तुम मुझे कब काम पर लगाओगे।

वह कहने लगा कि तुम उसकी चिंता मत करो, तुम्हें मेरे साथ रहते हुए किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी लेकिन जब रवि को ज्यादा नशा हो गया तो वह अपनी असलियत बताने लगा और कहने लगा कि मैं जिगोलो हूं और यहां पर औरतों को खुश करने का काम करता हूं। मैंने उसे कहा कि आज तो मेरा भी मन हो रहा है

यदि तुम मुझे किसी महिला के पास भेज दो तो मैं भी उसे खुश कर दूंगा। उसने मुझे एक महिला का नंबर दिया मैंने उसे फोन किया वह मुझे कहने लगी कि तुम मेरे घर पर आ जाओ। रवि मुझे उसके घर पर छोड़ दिया।

जब मैं उसके घर के अंदर गया तो उसका घर बहुत बड़ा था। मैंने जब उस महिला को देखा तो उसकी उम्र 45 वर्ष के आसपास रही होगी। वह मुझे अपने बेडरूम में ले गई और मेरे होठों को चूसना शुरू कर दिया।

उसने काफी देर तक मेरे होठों को चूसा जिससे कि मेरे अंदर की उत्तेजना जागने लगी। मैं उसके पूरे शरीर को चाटने लगा मैंने काफी देर तक उसके स्तनों का रसपान किया और उसके बाद मैंने उसकी योनि को भी चाटा। मैंने उसकी योनि में अपने लंड को डाल दिया और उसके दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया।

मैंने उसे बड़ी तेज गति से धक्का मारा और काफी देर तक मैंने उसे चोदा। वह मुझे कहने लगी कि मुझे मजा नहीं आ रहा अब मैंने उसे घोड़ी बना दिया और सरसों के तेल से अपने लंड पर मालिश कर ली।

मैंने जैसे ही उसकी गांड में अपने लंड को डाला तो वह चिल्लाने लगी। मैंने भी उसे कसकर पकड़ लिया उसकी गांड से खून बाहर की तरफ निकल रहा था और मैं उसे बड़ी तेजी से चोद रहा था।

उसे भी अब मजा आने लगा वह अपनी गांड को मुझसे टकरा रही थी। मैंने भी उसे बड़ी तेज गति से धक्के मारे जिससे कि उसका पूरा शरीर हिल जाता और वह मुझे कहती कि तुम्हारा लंड तो बहुत ही मोटा है मुझे बहुत मजा आ रहा है जब तुम मेरी गांड मार रहे हो।

मैंने उसकी गांड कम से कम 20 मिनट तक मारी जिससे कि उसका खून बाहर की तरफ आने लगा और उसकी आंखों से आंसू भी निकलने लगे। वह कहने लगी कि आज तुमने मुझे बहुत अच्छे से खुश कर दिया। कुछ देर बाद मेरा वीर्य उसकी गांड के अंदर गिर चुका था और उसके बाद उसने मुझे पैसे दिए।

मैं रात को घर लौट गया लेकिन मैं बहुत थक चुका था और मैं उस दिन सो गया। अगले दिन रवि मुझसे पूछने लगा  तुम्हारी कल की रात कैसे रही। मैंने उसे बोला कि कल मैं बहुत मजे में था। अब मैं भी रवि के साथ काम करने लगा हूं और मैं एक जिगोलो बन चुका हूं। मैंने बहुत पैसे कमा लिए हैं और मैं अपने जीवन से खुश हूं।

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