छोटे भाई की दोस्त को होटल के कमरे में चोदा

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मेरा नाम आकाश है मैं कोलकाता का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 30 वर्ष की है और मैं सरकारी नौकरी हूं। मुझे 2 वर्ष हो चुके हैं अपनी नौकरी करते हुए और इन 2 वर्षों में मेरे अंदर बहुत ही बदलाव आया है।

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मैं आप अपने दोस्तों से ज्यादा नहीं मिलता क्योंकि मैं सुबह अपने काम से ऑफिस आ जाता हूं और शाम को भी मैं देरी से घर लौटता हूं इसलिए मेरी उनसे मुलाकात नहीं हो पाती और जब वह मुझे फोन करते हैं

तो मैं उन्हें कहता हूं कि मैं आजकल बिजी हूं इसलिए तुमसे नहीं मिल सकता क्योंकि मैं अपने दोस्तों से नहीं मिलना चाहता जिनकी वजह से मेरा काफी समय बर्बाद हुआ, उन्होंने मुझे बहुत ज्यादा नशे की आदत डलवा दी थी

और मैं कई समय तक अपने घर भी नहीं जाता था इसलिए मेरे माता-पिता बहुत चिंतित रहते थे और मेरे घर पर भी उसका बुरा असर पड़ रहा था।

मेरा छोटा भाई सोहन जो उसी वर्ष कॉलेज में गया था उस पर मेरा बहुत ही गलत प्रभाव पड़ रहा था। मेरे पापा मुझे समझाते कि तुम यह सब क्यों कर रहे हो लेकिन मुझे उस वक्त कुछ भी समझ नहीं आता था।

मैं सिर्फ अपने दोस्तों की तारीफ करता था और कहता था कि वह लोग बहुत अच्छे हैं लेकिन मुझे भी पता था कि उनकी वजह से ही मुझे शराब की गंदी लत लगी है और मैं नशे का इतना आदी हो चुका था कि

मैं अपने जीवन में कुछ भी नहीं कर पा रहा था। इसमें मेरे छोटे भाई सोहन ने मेरी बहुत मदद की यदि वह मुझे नहीं समझाता तो शायद मैं उस वक्त अपने दोस्तों के साथ ही रहता और मैं कभी भी अपने जीवन में आगे नहीं बढ़ पाता।

मेरा छोटा भाई सोहन बहुत ही अच्छा गिटार बजाता है और उसे गाने का भी बहुत शौक है। उसे बचपन से ही गाने का शौक था और वह स्कूल के समय से ही बहुत अच्छा गिटार बजाता था

इसलिए मेरे पापा ने उसकी ट्रेनिंग एक बहुत ही अच्छे संस्थान में करवाई और उसके बाद वह आप बहुत ही अच्छा गिटार बजाता है और कॉलेज में भी वह शो करता है। वह अभी कॉलेज पढ़ रहा है परंतु उसने अपना खुद का एक बैंड बना लिया है जिससे कि वह लोग बाहर जाकर भी शो करते हैं।

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मुझे अपने भाई को देखकर बहुत ही खुशी होती है क्योंकि वह मुझसे छोटा है परंतु उसके अंदर बहुत ही ज्यादा समझ है यदि वह मुझे नहीं समझाता तो शायद मैं भी अपनी जिंदगी बर्बाद कर चुका होता।

मेरे जितने भी दोस्त हैं वह सब अभी भी नशे के आदी हैं और अपने जीवन में कुछ भी नहीं कर पाए लेकिन मैंने सही समय पर उनका साथ छोड़ दिया इसलिए मैं अपने जीवन में आगे पढ़ पाया और अब मैं अपनी नौकरी कर रहा हूं।

मेरे पिताजी भी मुझसे बहुत खुश हैं। पहले वह मुझसे बात करना भी पसंद नहीं करते थे और जब वह मुझे समझाते तो मुझे उन पर गुस्सा आता था लेकिन अब मुझे एहसास होने लगा कि वह मेरी भलाई के लिए ही बात करते थे। एक दिन मुझे सोहन कहने लगा मेरे कॉलेज में हमारा एनुअल फंक्शन है तो आपको मेरे साथ चलना होगा।

मैंने उसे कहा कि ठीक है मैं तुम्हारे साथ चलूंगा। उस दिन मैं अपने ऑफिस से जल्दी छुट्टी लेकर आ गया और मैं सोहन के साथ उसके कॉलेज में चला गया। उस दिन उसका शो था और सब लोग बहुत ही बेसब्री से उसका इंतजार कर रहे थे। मुझे नहीं पता था कि कॉलेज में उसे सब लोग इतना पसंद करते हैं।

सोहन मुझे कहने लगा कि आप बोर हो जाओगे इसलिए मैं आपको अपने दोस्तों के साथ बैठा देता हूं, उसने मुझे अपने दोस्तों से मिलवाया और उसकी एक बहुत ही अच्छी दोस्त है उसका नाम सुहानी है।

उसने जब मुझे सुहानी से मिलाया तो मुझे सुहानी के साथ बैठना बहुत ही अच्छा लग रहा था और जिस प्रकार सुहानी मुझसे बात कर रही थी मुझे बिल्कुल भी ऐसा नहीं लगा कि मेरी उससे पहली मुलाकात है। सोहन भी बहुत खुश हो रहा था

क्योंकि उसका यह कॉलेज का आखरी वर्ष है, जब उसने गाना शुरू किया तो पूरे कॉलेज में शोर मच गया और सब लोग पीछे से सीटियां बजा रहे थे और बहुत जोरों से तालियां बजा रहे थे।

मुझे अपने भाई को देखकर बहुत गर्व महसूस हो रहा था जब वह गाना गा रहा था। जब उसका गाना खत्म हुआ तो कॉलेज में सिटियों की आवाज कम हो गई।

सुहानी मुझसे कहने लगी कि सोहन बहुत ही अच्छा गाता है और उसके कॉलेज में सारे लड़के फैन हैं, लड़कियां भी उस पर बहुत मरती है लेकिन वह किसी की तरफ भी नहीं देखता, उसे सिर्फ अपने गाने से ही मतलब है,

मैंने उस दिन सुहानी का नंबर ले लिया था। कहीं ना कहीं सुहानी भी मुझसे बहुत इंप्रेस हुई थी क्योंकि सोहन ने सुहानी को सब कुछ बता दिया था कि मेरे भैया ने किस प्रकार से अपनी जिंदगी में वापसी की है।

अब हम दोनों घर वापस लौटे और मैं अपने काम में बिजी था। एक दिन मुझे सुहानी का मैसेज आया और मैंने जब अपना फोन देखा तो उसमें सुहानी का मैसेज था। मैं बहुत खुश हो रहा था क्योंकि मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि वह मुझे मैसेज या फिर फोन करेगी। जब उसने मुझे मैसेज किया तो मैंने भी उसका रिप्लाई दे दिया।

अब मैं भी बहुत खुश था और मैंने सुहानी को फोन कर दिया। मेरी उससे फोन में बात होने लगी थी लेकिन मैंने यह बात अपने भाई से नहीं कही और ना ही सुहानी ने सोहन से इस बारे में कोई बात की थी। हम दोनों ही आपस में बहुत बातें किया करते थे लेकिन मुझे सुहानी से मिलने का वक्त नहीं मिल पा रहा था क्योंकि जब मेरी छुट्टी होती है

उस दिन मैं अपने घर के काम में ही लगा रहता था। एक दिन मैंने सोचा कि क्यों ना मैं सुहानी को मिल ही लेता हूं। उस दिन मैंने समय निकालते हुए सुहानी को फोन कर दिया और वह भी कहने लगी कि हम लोग आज मिल लेते है।

जब मैं सुहानी से मिलने गया तो वह मुझसे मिलकर बहुत खुश हुई और हम दोनों आपस में बैठकर काफी बातें कर रहे थे। उसने मुझसे मेरे बारे में भी पूछा कि मुझे क्या चीज पसंद है।

मैंने उसे कहा कि मुझे तो तुम्हारे स्तन और तुम्हारा शरीर बहुत पसंद है और पहले मैं बहुत नशा करता था। जब मैंने उससे यह बात कहीं तो वह पूरे मूड में थी और मैं उसे अपने साथ होटल के कमरे में ले गया।

जब सुहानी मेरे साथ होटल के कमरे में आई तो मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया और उसके सारे कपड़े खोल दिए उसने पिंक कलर की पैंटी ब्रा पहनी हुई थी और उसकी योनि पर एक भी बाल नहीं था। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था

जब मैं सुहानी की योनि को चाट रहा था और वह भी पूरे मूड में आ रही थी। मैंने काफी देर तक उसकी योनि को चाटा उसका पानी भी उसकी योनि से बाहर निकल रहा था। मैंने उसके मुंह में अपने लंड को डाल दिया और

वह मेरे लंड को चूसने लगी। उसने मेरे लंड को अपने गले तक ले लिया था और बहुत अच्छे से मेरे लंड को चूसती जा रही थी मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था जब वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी।

काफी देर तक उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसा उसके बाद मैंने उसके दोनों पैरों को खोलते हुए अपने लंड को उसकी योनि के अंदर डाल दिया।

जब मेरा लंड उसकी योनि में गया तो वह चिल्लाने लगी और उसकी चूत से खून निकलने लगा था। मैंने भी उसके दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया और बड़ी तेज गति से उसे धक्के देने लगा। मैंने उसे इतनी तेजी से धक्के मारे कि वह उन झटको को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी।

वह कहने लगी कि तुम्हारा लंड तो बहुत ज्यादा लंबा है मेरे पेट के अंदर तक तुम्हारा लंड जा रहा है। मैंने उसे काफी देर तक ऐसे ही धक्के मारे और उसके बाद मैंने उसे अपने ऊपर से लेटा दिया।

जब वह मेरे ऊपर आई तो मैंने उसकी योनि में जैसे ही अपने लंड को डाला तो वह ऊपर की तरफ उछल पड़ी और मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के देने लगा।

मैंने उसे इतनी तेजी से धक्के मारे कि उसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था और वह भी अपनी चूतड़ों को बड़ी तेज तेज हिला रही थी लेकिन हम दोनों ही

एक दूसरे की गर्मी को ज्यादा समय तक नहीं झेल पाए और मेरा माल सुहानी के योनि के अंदर है गिर गया। हम दोनों ने उसके बाद अपने कपड़े पहने और हम लोग होटल से चले गए लेकिन मेरे और सुहाने के बीच में सेक्स संबंध बहुत बार बन चुके हैं।

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