चूत की तलाश में

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हेल्लो फ्रेंड्स कैसे हो आप लोग | आशा करता हूँ की आप लोग सब मस्त होंगे और रोज की तरह सेक्सी कहानिया पढ़ते होंगे | दोस्तों मैं आप का अपन अमित सिन्हा जो रोज आप लोगो को एक नयी कहानी लिखकर पढवाता हूँ |

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जिसे पढके आप लोगो की चूत चोदने की ललक जागती रहे | दोस्तों मैं रोज की तरह आज भी एक नयी कहानी आप लोगो के लिए लेके आया हूँ जिसे पढके आप लोग आनंद प्राप्त करेंगे |

यह कहानी मेरे ही जीवन पर आधारित है एक दम मेरे जीवन की सच्ची घटना में से एक | तो चलिए दोस्तों अमिन अपनी ज्यादा बकवास न करता हुआ सीधा आप लोगो को कहानी की ओर ले चलता हूँ |

तो मेरे प्रिय भाईयो और बहनों ये बात उस समय की है जब मैं अपनी पढाई अपने ही शहर में कर रहा था | मैं अपना 12वीं क्लस कोम्मार्स स्ट्रीम से कर रहा था | मेरा कॉलेज मेरे घर से थोड़ी ही दूर पर था और मैं अपने कॉलेज हमेशा पैदल ही जाया करता था | दोस्तों मैं अपने कॉलेज में बहुत मजे लेता था |

मैं अपने कॉलेज का सबसे मस्त और स्मार्ट लडको में से एक था कई लडकिया मुझपे सेंटी थी | दोस्तों मैं अपनी काल्स में ज्यादातर मस्ती ही करता रहता था लडको के साथ मिलकर | जब भी कोई फ्री पीरियड होता था तब हम लोग अपने प्रिन्सिपल सर से गेम खेलने की परमिशन लेकर ग्राउंड में जाके खेलते थे |

बाकी सब लोग खेलते थे और मैं अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक ग्राउंड के साइड में घना पेंड था हम लोगो उसके पीछे जाके सिगरेट पीते थे | हम लोग रोज कभी इंटरवल में या तो कभी छिपकर टॉयलेट में रोज का रूटीन थे हम लोग डेली सिगरेट पीते थे | दोस्तों मैं कभी सेक्स को बरदास नही कर पता था |

जब भी मुझे अच्छी लड़की दिखती थी मैं उसके बूब्स और उसकी गांड देखकर बहक जाता था और कहीं न कहीं कोने में जाके मुठ मार के अपना लंड हिला लेता था | मेंरी क्लास में लडकिया थी पर कोई ज्यादा अच्छी नही थी | एक दिन इंटरवल मैं अपनी क्लास में अपने दोस्तों एक साथ बैठा हुआ था |

तभी मेरी क्लास की एक लड़की आके अकेले क्लास में बैठ बैठ गयी | मैंने अपने दोस्तों को बाहर जाने को कहा और बोला की देखते रहना कोई आ न जाये |

वो सब बाहर चले गये और मैं जाके उस लड़की की पीछे वाली सीट पर बैठ गया और उससे बाते करने लगा | वो थोडा सीधी-साधी थी मुझे उससे बात करने में ज्यादा परेशानी नही हुई थी | मैं उससे धीरे-धीरे बाते करते-करते उसके साथ ही बैठ गया और उसे सेदुस करता रहा |

वो दिखने में सही लगती थी उसका फिगर भी लगभग ठीक-ठाक था उसके बूब्स भी एकदम नुकीले थे | मैं उससे बाते करते-करते मैंने अपना हाथ उसकी झांघो पर रख दिया और सहलाने लगा |

उसने पहले तो मना किया की मत करो कोई आ जायेगा पर मैं नही माना मैं उसकी झांघो को सहलाते-सहलाते मैंने अपना हाथ उसके स्कर्ट के अन्दर डाल दिया और उसकी चूत में उंगली डाल कर फिंगरिंग करने लगा और वो बेंच पर बैठी-बैठी मचल रही थी और धीरे-धीरे अपने मुह से आह आह आहा अह आहा हा आहा हा आहा हा

अह अह आह आहा अह आहा अह आह अहः आह आह आहा आःह्ह आः हाह आह आः आह आहा उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह ओह्ह की सिस्कारिया निकाल रही थी |

थोड़ी देर तक मैंने जबरजस्ती उसकी चूत में फिंगरिंग कीऔर फ्फिर बाद मैं इंटरवल ख़त्म होने की बेल बज चुकी थी और सभी क्लास के लड़के और लडकिया आने वाले थे | मेरा पूरा मौसम बन गया था उसे चोदने का पर मैं उसे स्कूल में नही चोद पाता |

अब सब बच्चे क्लास में आ चुके थे मैं और मेरे दोस्त भी अपनी-अपनी सीटो पर जाके बैठ गये थे और उसको देखे जा रहे थे | मैंने फिर उसको एक पर्ची में लिखकर भेजा की मैं रात को तुम्हारे घर के पीछे तुम्हारा इंतजार करूँगा

तुम आ जाना | पहले तो उसने मना किया फिर मैंने उसे छुट्टी में स्कूल के बाहर मना लिया | अब मैंने अपने दोस्तों को कहा की भाई लोगो रात को चलना है इसकी चूत लेने तुम लोग आ जाना देखभाल के लिए |

छुट्टी के बाद मैं अपने घर आया और खाना पीना किया और अपने कमरे में जाके थोडा आराम किया और जब शाम के 6 बजे मैंने अपने दोस्तों को फोन मिलाया और रास्ते में मिलने को बोला | मैं घर से निकला मेरे दोस्त भी रास्ते में मेरा इंतजार कर रहे थे | मैं उन्हें लेके लगभग रात के 10 बजे होंगे उसके घर के पीछे गया |

मैंने उन्हें थोड़ी दूर पर रहने को बोला और कहा की देखते रहना कोई आ न जाये | वो लोग मुझसे थोड़ी दूर खड़े होकर अपनी-अपनी सिगरेट फूंक रहे थे | अब मैं उसका इंतजार कर रहा था की कब आये और मैं कब उसकी चूत की चुदाई करू | उसने मुझे कम से कम आधे घंटे तक इंतजार करवाया था फिर कहीं जाके आयी थी |

जब वो आयी थी तब वो बहुत घबराई हुई थी उसका शरीर कांप रहा था | मैंने उसको अपने आप से चिपका लिया और उसको तससल्ली देने लगा | मैंने उसको अपनी बाहों में पूरी तरह से भर लिया था

उसके नुकीले बूब्स मेरे छाती में चुभ रहे थे | मैंने उसका चेहरा अपने दोनों हाथ ससे पकड़ा और उसके होंठो को अपने मुह में रख कर चूसने लगा और वह भी मेरा साथ देते हुए मेरे होंठो को चूस रही थी | मैं बहुत गरम था और मैंने कॉलेज में उसको भी गरम कर दिया था |

सबसे पहले मैंने अपने और उसके ऊपर के कपडे उतार दिए और एक दुसरे से चिपक कर एक दुसरे के होंठो को अच्छी तरह से चूस रहे थे | उसके बूब्स मेरी चाटी में ऐसे चुभ रहे थे जैसे कोई पंख मेरे शरीर लग रहा हो |

थोड़ी देर तक मैंने उसको चूमा फिर उसने अपना हाथ मेरी पेंट के अन्दर डाल कर मेरे लंड को मलने लगी थी अब उससे बर्दाश नही हो रहा था | उसने मेरी पेंट निकाल दिया औरअपने घुटनों पर बैठकर मेरे लंड को अपने मुह में लेके चूसने लगी | वो इतने मजे से मेरे लंड को चूस रही थी की मेरे मुह से आह आहा आहा आहा आहा

आहा आहा अह आह आह आहा आहा आहा आहा अह आहा आहा अह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह्ह ह्हूह

ओह्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह आह आह आहा आहा अह अह आह आहा की सिस्कारिया निकल रही थी |

अब मेरा लंड भी पूरी तरह से खड़ा हो चूका था और अब मुझे भी बर्दाश नही हो रहा था | उसने लोवर पहन रखा था मैंने उसे उतार दिया और उसके घर के पीछे घास थी मैंने वहीँ उसे घास पर लिटा दिया |

हम दोनों लोग नंगे हो गये थे | मैंने उसकी दोनों पैरों को फैला कर अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और उसके ऊपर ही लेट कर उसके होंठों को चूसते-चूसते उसकी चूत में अपने लंड से बहुत आराम से धक्के दिए जा रहा था और वो अपने मुह से आह आहा आया हाह आह आहा आहा आहा हां आहा हाह आहा आहा अह आह

आहा आहा अह आह आहा आहा अह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह्बुंह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उ नह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह

ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह उन्ह उन्ह उनहू उन्ह की सिस्कारिया निकाल रही थी | थोड़ी देर तक उसे चोदने के बाद

मैं और वो दोनों ही साथ में झड गये थे | मैंने अपना लंड बाहर किया और उसने भी अपनी चूत को साफ किया और हम लोग अब बैठ कर बाते कर रहे थे | थोड़ी देर तक मैंने उससे बाते की और मेरा लंड एक बार फिर खड़ा हो गया था

और मेरा फिर से चोदने का मन हो रहा था | मैंने उसको इस बार घोड़ी बनाया और मैंने उसकी गांड में लंड डाल कर धीरे-धीरे धक्के दे रहा था | उसकी गांड बहुत टाइट थी मेरा लंड पूरा अन्दर नही जा पा रहा था |

उसकी मुह से आह आह आहा अह आहा अह आहा अह आहा अह आहा अह आहा अह अह आह अह आहा अह औंह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह ओह्ह की सिस्कारिया जोरो से निकल रही थी | जब मैं झड़ने वाला था

तब मैंने अपना लंड निकाल कर उसके मुह में झाड दिया था | फिर मैंने और उसने अपने कपडे पहने और वो अपने घर चली गयी और मैं अपने दोस्तों के साथ 1 सिग्ग्रेट फूंकी और अपने घर चला गया |

तो दोस्तों ये थे मेरी कहानी | आशा करता हूँ की आप लोगो को पसंद आएगी |

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