गर्मी सिर पर नहीं लंड पर चढ़ गयी

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मेरा नाम अमित है और मैं सतारा का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 24 वर्ष है। मेरे घर में मेरे मां और मेरे पिताजी रहते हैं। मेरा एक बड़ा भाई भी है। जो कि पुणे में रहता है। वह वहीं पर जॉब करता है।

मेरी मां मुझे बहुत ज्यादा प्यार करती है और वह बिल्कुल भी नहीं चाहती कि मैं घर से कहीं बाहर जाऊं। क्योंकि मेरे बड़े भैया भी घर से बाहर रहते हैं। इसलिए वह चाहती है कि मैं सिर्फ घर में ही रहूं और वहीं पर कुछ काम करूं।

इस वजह से उन्होंने मुझे कहीं भी नहीं भेजा। मैं घर पर रहकर घर  का भी सारा काम करता हूं। जब भी कुछ घर का सामान लाना होता है तो वह मुझे ही कहते हैं। मैंने कई बार उनसे इस बारे में बात की, कि मुझे कहीं बाहर जाना है और मैं कुछ काम करना चाहता हूं लेकिन मेरी मां मुझे मना कर देती है।

मेरी माँ कहती हैं कि तुम्हें अगर कुछ काम करना भी है तो तुम घर में रहकर ही करो। मैं उनके आगे कुछ भी नहीं बोल सकता और इसलिए मैं चुप ही रहता हूं।

क्योंकि मुझे भी लगता है कि यदि मैं बाहर जाऊंगा तो उनकी भी देखभाल कौन करेगा। उन्हें भी समस्या होगी। इस वजह से मै भी उन्हें बिल्कुल भी कुछ नहीं बोलता और कुछ छोटा-मोटा काम कर के अपना गुजारा चला लेता हूं।

हमारे पड़ोस में ही मेरे चाचा चाची रहते हैं और वह बहुत ही अच्छे हैं।

जब भी हमें किसी भी चीज की आवश्यकता होती है तो वह तुरंत ही हमारे लिए उस चीज का बंदोबस्त कर देते हैं और जब भी मेरी मां कहीं बाहर जाती है तो हमारी चाची से कह कर जाती है। तो चाची मेरा ध्यान भी रखती है और वह हमें किसी भी प्रकार से समस्या नहीं होने देते।

हमारे ही मोहल्ले की एक लड़की है। उसका नाम प्रदन्या है। वह मुझे बहुत पसंद है। शुरुआत में तो मैं उससे बात भी नहीं कर पा रहा था। क्योंकि मुझे ऐसा लगता था कि यदि वह मुझे मना कर देगी तो कहीं मोहल्ले में

हमारी बेइज्जती ना हो जाए। इस वजह से मैं उससे कुछ भी नहीं कहता था लेकिन अब मुझे लगने लगा कि मुझे उससे बात करनी चाहिए। तो मैंने उससे बात की और ऐसे ही बातों बातों में वह भी मुझसे बात करने लगी।

अब हमारे बीच नजदीकिया भी बहुत बढ़ चुकी थी और हम दोनों कभी कबार घूमने भी चले जाया करते। हमारे मोहल्ले में किसी को भी नहीं पता था कि हम दोनो आपस मे घूमने जाया करते है और ना ही किसी को भी इसके बारे में जानकारी थी। मैंने अपने घर में भी इसके बारे में बिल्कुल नहीं बताया था।

अगर घर में इसके बारे में जानकारी होती तो वह सब कुछ ना कुछ सवाल पूछते और मेरे पास उसका जवाब नहीं होता। इसलिए मैंने कुछ भी नहीं कहा और प्रदन्या और मेरा रिलेशन ऐसे ही चलता रहा।

मैं जब उसे उसके कॉलेज छोड़ने जाता तो उसे उसके कॉलेज तक छोड़ कर वापस घर आ जाता और जब हम कभी घूम कर आते तो मैं उसके घर से पहले ही उसे अपनी बाइक से उतार देता और वह पैदल चलकर अपने घर जाती।

मैंने अपने रिलेशन को बहुत ही छुपा कर रखा था लेकिन ना जाने एक दिन कहां से उसके भाई को हमारे बारे में पता चल गया है और वह बहुत ही ज्यादा गुस्सा हुआ। उसने उससे भी इस बारे में बात की और मेरी उससे बहुत ज्यादा नोकझोंक हुई।

अब उसने प्रदन्या को मुझसे मिलने नहीं दीया। उसका भाई उसे कॉलेज छोड़ने खुद ही जाता और वह उस पर हमेशा नजर बनाए रखता था। जिस वजह से मैं अभी काफी परेशान हो गया और सोच रहा था कैसे मैं उससे बात करूं लेकिन बात करना संभव नहीं था। मुझे उससे बात करे हुए बहुत समय हो गया था।

मैं अपने घर के कामों में ही लगा हुआ था। तब एक दिन मेरी मां ने कहा कि हम लोग पुणे जा रहे हैं तुम्हारे भैया के पास। तो तुम घर पर ही रहना और घर का ध्यान देना। मैंने कहा ठीक है। आप चले जाइए।

उन्होंने कहा कि तुम्हारी चाची तुम्हारे लिए खाना बना दिया करेगी और तुम्हारा ध्यान रख लेगी। उसके बाद मेरे पिताजी और मेरी मां पुणे चले गए। मैं उन्हें बस में बैठा कर घर वापस आ गया।

हमारी चाची जी मेरे लिए खाना बना दिया करती थी और घर की साफ-सफाई भी मेरी चाची ही करने लगी लेकिन अभी भी मैं प्रदन्या के ख्यालों में खोया हुआ था और सोच रहा था कि कैसे उससे मेरी बात हो।

एक दिन मैं अपने मोबाइल में बैठकर गेम खेल रहा था और थोड़ी देर बाद मेरी चाची हमारे घर पर आई मैं गेम खेलते खेलते सो गया और वह सफाई कर रही थी।

जब मेरी आंख खुली तो मैंने अपनी चाची के बड़े बड़े स्तन देखकर मेरा मूड खराब हो रहा था। मैंने भी अब अपने मोबाइल में अश्लील मूवी देखनी शुरु कर दी और मोबाइल से चाची की कुछ तस्वीरें खींच ली।

मैं जैसे ही उनकी तस्वीर ले रहा था तो उन्होंने मुझे देख लिया और कहने लगी तुम यह क्या कर रहे हो। जैसे ही उन्होंने मेरा मोबाइल देखा तो उसमें एक अश्लील इमेज थी।

वह कहने लगी तुम्हें यह देखते हो इसलिए तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है। जैसे ही उन्होंने यह बात कही तो मैंने उन्हें अपने नीचे लेटाते हुए कहा कि मुझे तुम्हारी चूत मारनी है।

मुझे बहुत दिन हो चुके हैं मैंने किसी की चूत नहीं मारी है यह कहते हुए मैंने उनके स्तनों को दबाना शुरु कर दिया और उनके स्तनों को बड़ी तेजी से मैं दबा रहा था।

मुझे काफी मजा भी आ रहा था जब मैं उनके स्तनों को दबाना जाता मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं उनके स्तनों को अपने मुंह में लेकर कच्चा ही चबा जाऊं।

मैंने उनके सारे कपड़ों को उतारते हुए उनके स्तनों को अपने मुंह में लिया और उसके बाद मैंने उनके होठों को अपने होठों में लेते हुए बहुत ही अच्छे से चूसना शुरू किया।

थोड़े समय बाद मैंने उनके दोनों पैर चौड़ा करते हुए उनकी चूत को चाटना आरंभ किया और काफी देर तक उनकी चूत को चाटता रहा जिससे कि वह बहुत ही उत्तेजित होने लगी। वह कहने लगी लगत है अब तुम जवान हो चुके हो।

जैसे ही उन्होंने यह बात मुझे कहीं तो मैंने तुरंत ही अपने बड़े से लंड को निकालते हुए उनकी योनि में एक ही झटके में घुसा दिया। जैसे ही मैंने अपने लंड को उनकी योनि के अंदर डाला तो उनकी चूत गली थी।

उनकी बड़ी तेज चीख निकल पड़ी और वह बड़ी तेजी से चिल्लाने लगी।

मैंने उनके बड़े बड़े स्तनों को अपने हाथ से दबाते हुए उनकी चूत मे ऐसे ही धक्के मार रहा था। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं उनकी चूत में धक्के दे रहा था मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि वह बहुत ही जवान और कमसिन हो।

उनकी चूत बहुत ज्यादा टाइट और मजेदार थी और उनके स्तनों से दूध भी निकल रहा था जिसका रसपान मैं बहुत ही अच्छे से करता जाता। थोड़े समय बाद मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए उनके दोनों स्तनों के बीच में लगाना शुरु किया और ऐसे ही मैं काफी देर तक रहा।

कुछ देर वह मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेती और मै उनके स्तनों के बीच में अपने लंड को रगडता जाता। मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे मै उनके स्तनों को अपने मुंह में लेकर खा जाऊं।

ऐसे करते हुए मेरा वीर्य टपक गया और वह मैंने उनके स्तनों पर ही गिरा दिया। अब उन्होंने अपने हाथ से ही अपने स्तनों को साफ किया।

जिसके बाद मैंने अपने लंड को हिलाना शुरू किया और उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया। जब उन्होंने अपने मुंह के अंदर लिया वह मेरे लंड को बहुत ही अच्छी तरीके से चूसने लगी।

जिससे कि मेरा लंड दोबारा से उतना ही मोटा हो गया जितना पहले था। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब वह अपने मुंह में लेकर मेरे लंड को चुसती जाती।

वह मेरे लंड को अपने गले तक उतार लेती मैंने उन्हें अपने ऊपर लेटाते हुए उनकी चूतडो को अपने लंड पर रख दिया। मैंने उनकी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया अब वह अपने चूतडो को मेरे लंड के ऊपर नीचे करने लगी जिससे कि उनकी उत्तेजना भी बहुत बढ जाती।

अब मुझे भी बहुत ही आनंद आ रहा था। वह ऊपर से मुझे धक्के मारती और मैं नीचे की तरफ से बड़ी तेज प्रहार उनकी योनि पर करता जिससे की उनकी आवाज निकल रही थी और गर्मी भी निकलती जाती।

कुछ समय बाद उसी गर्मी में मेरा वीर्य पतन हो गया और मुझे मालूम भी नहीं पड़ा। जैसे ही मैंने अपने लंड को उनकी योनि से बाहर निकाला तो मेरा वीर्य मेरे लंड पर टपक रहा था।

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