मैं कोमल से मिलने के लिए उसके घर पर गया हुआ था कोमल उस दिन घर पर ही थी और हम दोनों ने उस दिन साथ में काफी अच्छा टाइम बिताया। कोमल की मम्मी भी घर पर थी और उनसे मिलकर मुझे काफी अच्छा लगा था। कोमल की मम्मी एक डॉक्टर है और वह बहुत ही अच्छी हैं वह कोमल की हर एक खुशी का ध्यान रखती है।
कोमल के पिताजी का देहांत कुछ समय पहले ही हुआ है और कोमल की मम्मी उसे बहुत ही प्यार करती हैं। कोमल और मैं दोनों कॉलेज में साथ में पढ़ते हैं और मुझे कोमल के साथ में टाइम स्पेंट करना हमेशा से ही अच्छा लगता है।
कोमल को भी मेरे साथ में समय बिताना बहुत अच्छा लगता है हम दोनों साथ में अक्सर टाइम स्पेंट किया करते हैं। एक दिन कोमल और मैं मूवी देखने के लिए गए हुए थे उस दिन जब हम दोनों मूवी देखने के लिए गए तो हम दोनों को ही बहुत अच्छा लग रहा था हम दोनों ने साथ में मूवी देखी और फिर उसके बाद हम दोनों घर लौट आए।
मेरी और कोमल की बहुत ही अच्छी दोस्ती है लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि यह दोस्ती प्यार में बदल जाएगी।
हम दोनों एक दूसरे को प्यार भी करने लगे थे और जब पहली बार मुझे इस बात का एहसास हुआ तो मुझे बिल्कुल भी यकीन नहीं हुआ कि मैं कोमल को प्यार करने लगा हूं।
हम दोनों साथ में काफी टाइम स्पेंड करने लगे थे और हम दोनों का प्यार बढ़ता ही जा रहा था। अब हम दोनों के कॉलेज की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी तो मैं अपने फ्यूचर को लेकर बहुत ज्यादा सीरियस था इसलिए मैं अब किसी कंपनी में नौकरी करना चाहता था। मेरा कॉलेज पूरा हो जाने के बाद मैंने एक बड़ी कंपनी में जॉब के लिए ट्राई किया और वहां पर मेरी जॉब लग भी गई। मेरी जॉब लग चुकी थी और मैं बहुत ही ज्यादा खुश था लेकिन दिल्ली में जॉब करने के बाद मैं मुंबई चला गया।
मैं मुंबई में ही जॉब करने लगा था और मैं अपनी जॉब से बहुत ही ज्यादा खुश था लेकिन कोमल और मेरी मुलाकात नहीं हो पाती थी। हम दोनों एक दूसरे से दूर हो गए थे परंतु मुझे कोमल की बहुत ही याद आती थी।
जब मैं कोमल से बात करता तो वह मुझे कहती की सूरज तुम दिल्ली कब आ रहे हो तो मैंने उसे कहा कि मैं जल्द ही दिल्ली आऊंगा। मैं काफी समय के बाद दिल्ली गया जब मैं कोमल को मिला तो कोमल बहुत ही ज्यादा खुश थी और मुझे भी कोमल के साथ में टाइम स्पेंड कर के बहुत ही अच्छा लगा।
हम दोनों ने साथ में काफी अच्छा टाइम स्पेंड किया और मैं और कोमल एक दूसरे के साथ में बहुत ज्यादा खुश थे। जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ टाइम स्पेंड किया करते तो कोमल चाहती थी कि हम दोनों अपने इस रिश्ते को आगे बढ़ाये और हम दोनों शादी कर ले लेकिन मैं अभी शादी करने के लिए तैयार नहीं था। मैंने कोमल को कहा कि कोमल हम दोनों को थोड़ा और समय लेना चाहिए। कोमल ने मुझे कहा कि ठीक है जैसा तुम्हे ठीक लगता है।
मैं कुछ दिनों तक दिल्ली में रहा और उसके बाद मैं फिर वापस मुंबई लौट आया। मैं मुंबई वापस लौट आया था और मैं अपनी जॉब पर पूरी तरीके से ध्यान देने लगा था कोमल से मेरी हर रोज फोन पर बातें होती थी और हम दोनों एक दूसरे से बातें करते तो हम बहुत ही खुश रहते। मैं कोमल से बातें किया करता था
मुझे जब भी टाइम मिलता तो मैं उसको फोन कर दिया करता लेकिन अब कोमल ने भी जॉब करनी शुरू कर दी थी जिसकी वजह से हम दोनों की बातें थोड़ा कम ही हुआ करती थी लेकिन हम दोनों एक दूसरे के साथ में बहुत ही खुश थे। मैं जब भी कोमल से मिलता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता था। मुझे मुंबई में 6 महीने हो चुके थे मैं घर भी नहीं गया था
तो मैंने सोचा कि मैं कुछ दिनों के लिए घर हो आता हूं। मैंने अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली और मैं कुछ समय के लिए दिल्ली चला गया।
मैं दिल्ली गया तो मैं बहुत ही ज्यादा खुश था मैंने कोमल को फोन किया तो कोमल उस दिन मुझे मिलने के लिए आ गई क्योंकि कोमल की भी छुट्टी थी। जब हम एक दूसरे को मिले तो मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगा और कोमल को भी बहुत अच्छा लगा। मैंने कोमल के साथ में उस दौरान अच्छा टाइम स्पेंट किया और कोमल ने भी मेरे साथ में काफी अच्छा टाइम स्पेंट किया था।
कोमल और मैं एक दूसरे से बातें कर रहे थे कि तभी कोमल की मां का फोन आया और कोमल मुझे कहने लगी सूरज मुझे अभी घर जाना होगा मम्मी मुझे घर पर बुला रही है।
मैंने कोमल को कहा ठीक है तुम घर चली जाओ कोमल ने मुझे कहा कि हां मैं घर चली जाती हूँ। कोमल अपनी कार से घर चली गई और मैं अपने घर लौट आया था जब कोमल का मुझे फोन आया तो कोमल ने मुझे कहा कि सूरज आज मम्मी बहुत ही ज्यादा अपसेट थीं इसलिए उन्होंने मुझे घर बुला लिया था। मैंने कोमल से कहा कि सब कुछ ठीक तो है ना तो वह कहने लगी कि हां
सब कुछ ठीक है लेकिन मम्मी आज काफी ज्यादा परेशान नजर आ रही थी इस वजह से उन्होंने मुझे घर पर बुलाया था। मैंने कोमल को कहा कोई बात नहीं सब कुछ ठीक हो जाएगा और हम दोनों एक दूसरे से बातें करते रहे।
बातें करते करते कब हम दोनों को नींद आ गई कुछ पता ही नहीं चला। जब मैं सुबह उठा तो मैंने कोमल को फोन किया लेकिन कोमल ने मेरा फोन रिसीव नहीं किया था, जब उसने मुझे दोबारा फोन किया तो उस वक्त वह कहने लगी कि वह ऑफिस के लिए निकल रही है। मैंने कोमल को कहा कि ठीक है हम लोग शाम के वक्त मिलते हैं
और शाम के वक्त हम दोनों मिलने वाले थे। कोमल अभी भी ऑफिस में ही थी और शाम के वक्त जब हम दोनों एक दूसरे को मिले तो हम दोनों को ही काफी ज्यादा अच्छा लगा और साथ में हम दोनों ने काफी अच्छा टाइम स्पेंड किया।
दो दिनों के बाद मुझे भी मुंबई जाना था और मैंने जब यह बात कोमल को बताई तो कोमल मुझे कहने लगी कि सूरज तुम कुछ दिन और रुक जाते तो अच्छा रहता लेकिन मैं नहीं रुक सकता था इसलिए मैंने कोमल को समझाया और कोमल ने मुझे कहा कि ठीक है हम लोग कल मुलाकात करते हैं।
मैंने अगले दिन कोमल को घर पर बुलाया। उस दिन घर पर कोई भी नहीं था और हम दोनों साथ में बैठे हुए एक दूसरे से बातें कर रहे थे। मुझे कोमल के साथ बात करना अच्छा लग रहा था और उसे भी मुझसे बात करना बहुत ही अच्छा लग रहा था लेकिन जब मैं कोमल की तरफ देख रहा था तो उसके स्तनों को देखकर मुझे अच्छा लग रहा था।
उसके स्तनों के उभार देख मै उसके स्तनों को चूसना चाहता था और उन्हें मैं अपना बनाना चाहता था। मैंने कोमल से जब इस बारे में कहा तो कोमल शर्माने लगी लेकिन जब मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरू किया तो वह गर्म होने लगी और मैंने उसके होंठो को भी चूमना शुरू कर दिया था।
मैं उसके होठों को किस करने लगा और उसे बड़ा मजा आने लगा जब मैं उसके होठों को चूमने लगा तो वह बहुत ही ज्यादा गर्म होती जा रही थी वह इतनी ज्यादा गरम हो चुकी थी वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी और ना ही मैं अपने आप को रोक पा रहा था। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाते ही चले गए। जब मैंने कोमल के कपड़ों को खोला तो कोमल मुझे कहने लगी
उस से बिल्कुल भी रहा नहीं जाएगा। मेरे सामने कोमल के स्तन थे और उन्हें देखकर मैं अपने अंदर की गर्मी को रोक नहीं पा रहा था। मैने कोमल के स्तनों को चूसना शुरू कर दिया है उसके स्तनों को चूसकर मुझे अच्छा लगने लगा था जब मैं उसके स्तनों को चूसने लगा तो वह मुझे कहने लगी तुम मेरे स्तनों के ऐसे ही चूसते रहो। मैं कोमल के निप्पल को अपने मुंह में लेकर उनका रसपान किए जा रहा था और उसे बड़ा मजा आ रहा था
जब मैं ऐसा करता तो हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। मैंने कोमल से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जाएगा कोमल मुझे कहने लगी हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो चुके हैं अब तुम मेरी योनि में लंड घुसा दो।
मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो उसे कोमल ने अपने हाथों में ले लिया और वह उसे हिलाने लगी। जब वह मेरे मोटे लंड को हिलाने लगी थी तो मुझे मज़ा आ रहा था और कोमल को बहुत ही अच्छा लगा। मैंने कोमल को कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो। कोमल ने उसे अपने मुंह में समा लिया वह उसे सकिंग करने लगी। जब वह मेरे मोटे लंड को सकिंग करने लगी थी
तो मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था और कोमल को भी बड़ा मजा आने लगा था जिस तरीके से वह मेरे लंड को चूसने लगी थी। मै गर्म होता जा रहा था और कोमल भी बहुत ज्यादा गरम हो गई थी कोमल ने मुझे कहा मेरी गर्मी को तुम ऐसे ही बढ़ाते जाओ। अब हम दोनों की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ने लगी थी। जब मैं और कोमल एक दूसरे की गर्मी को बिल्कुल झेल नहीं पा रहे थे
हम दोनों को ही मजा आने लगा था। अब हम दोनों को इतना ज्यादा मजा आने लगा था हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पाए और मैंने कोमल की चूत पर अपने लंड को लगाकर उसकी चूत के अंदर घुसाने की कोशिश की तो कोमल की चूत मुझे बहुत ही ज्यादा टाइट महसूस होने लगी थी लेकिन धीरे धीरे मैंने उसकी योनि में लंड को प्रवेश करवा दिया और मेरा लंड उसकी योनि में चला गया।
मेरा मोटा लंड उसकी चूत में प्रवेश हुआ तो वह बहुत जोर से चिल्ला कर मुझे बोलने लगी मेरी चूत में दर्द होने लगा है कोमल की चूत में काफी दर्द हो रहा था। मेरे लंड में भी आप मुझे दर्द महसूस होने लगा था लेकिन कोमल की चूत से निकलते हुआ चिपचिपा पदार्थ मेरे लंड की चिकनाई को और भी ज्यादा बढ़ा रहा था।
मेरा लंड उसकी चूत में जा रहा था। जब मेरा मोटा लंड उसकी योनि में जा रहा था तो मुझे मजा आने लगा था और कोमल को भी बड़ा आनंद आ रहा था जिस तरीके से वह मेरा साथ दे रही थी हम दोनों ने एक दूसरे का साथ जमकर दिया और हम दोनों को बड़ा ही मजा आया। अब हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे ना तो मैं कोमल की चूत की गर्मी को झेल पा रहा था
और ना ही वह मेरी गर्मी को झेल पा रही थी इसलिए मैंने उसके चूत में अपने माल को गिरा दिया और अपनी इच्छा को पूरा कर दिया। कोमल और मेरी इच्छा पूरी हो चुकी थी अब हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश थे जिस तरीके से हम दोनों की इच्छा पूरी हुई और हम दोनों बड़े ही खुश हुए।