पड़ोस के शर्मा जी की पत्नी को घर में ही चोदा

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मेरा नाम आशीष है और मैं एक मैं 30 वर्ष का व्यक्ति हूं। मेरी शादी हो चुकी है और मेरी पत्नी मेरे साथ ही आगरा में रहती है। मैं एक फोर व्हीलर कंपनी में सर्विस सेंटर में काम देखता हूं और वहीं सर्विसिंग का काम किया करता हूं।

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मुझे वहां पर काम करते हुए बहुत वर्ष हो चुके हैं और मैं अपने काम को अच्छे से कर रहा हूं। हमारे यहां पर बहुत सारे कस्टमर आते रहते हैं और वह अपनी गाड़ियों का काम करवाते रहते हैं।

कई बार मेरी परिचित भी हमारे शोरूम में आते हैं और वह मुझे कहते हैं कि तुम अपने तरीके से थोड़ा काम देख लेना और अच्छे से काम कर लेना। वह उस काम में मुझे कभी थोड़े बहुत पैसे दे दिया करते थे।

क्योंकि मेरे मोहल्ले में सभी लोगों को पता था कि मैं सर्विस सेंटर में काम करता हूं। इसलिए वह मुझे ही कहते थे और जब भी वह मेरे पास आते तो मुझे फोन कर दिया करते थे।

मेरी पत्नी से मेरी शादी बहुत ही मुश्किल से हुई। क्योंकि हम दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे। इसलिए हमारी शादी संभव नहीं थी और मैंने इस बारे में अपने पिताजी से भी बात की तो उन्होंने मेरी शादी से इंकार कर दिया और कहने लगे तुम उससे शादी नहीं कर सकते लेकिन

मैं अपनी पत्नी से बहुत प्रेम करता था और मैंने सोचा कि मुझे अब घर से भाग जाना चाहिए। मैंने इस बारे में अपनी पत्नी से भी बात की और हम दोनों वहां से भाग गये और भागकर मैं आगरा आ गये। आगरा में आने के बाद मैं पहले छोटे से गैराज में काम किया करता था और वहीं पर मैंने काम सीखा।

शुरुआत में मुझे बहुत ही दिक्कत हुई क्योंकि मेरे पास खाने के लिए भी पैसे नहीं थे और ना ही हमारे पास रहने के लिए कोई जगह थी लेकिन धीरे-धीरे अब मैंने अपनी व्यवस्था अच्छे से कर ली है और मैं अब खुश भी हूं लेकिन मैं कभी भी अपने गांव नहीं गया और ना ही मेरी पत्नी कभी गांव जाती है।

हम दोनों साथ में बहुत खुश हैं और हमारे अब तो बच्चे भी हो चुके हैं। जोकि स्कूल पढ़ने भी जाने लगे हैं। मेरी पत्नी कई बार हमारे पुराने दिन याद किया करती है और कहती है कि तुम मुझे कैसे चुपके से मिलने आया करते थे और मैं भी पानी लेने के बहाने तुमसे चुपके से मिलने आया करती थी।

मैंने उसे कहा कि वह पुरानी बातें हैं लेकिन अब तो हम साथ में ही रहते हैं। वह हमेशा मुझे कहती थी कि कभी तुम मुझे छोड़ना मत। मैंने उसे कहा कि आज तक तो तुम्हें कभी छोड़ा नहीं, आगे कैसे छोड़ सकता हूं।

वह मुझसे बहुत ज्यादा प्रेम करती थी और हमारे बीच में ऐसा ही प्रेम अभी भी है। जैसा कि शादी से पहले था। मुझे उससे मिलने के लिए बहुत ही पापड़ बेलने पड़ते थे और कई बार मैंने उसके चक्कर में मार भी खाई है। मुझे उसके भाइयों ने बहुत ही पीटा लेकिन फिर भी मैं उससे मिलने जाया करता था।

मैंने बिल्कुल भी अपनी पत्नी का साथ नहीं छोड़ा और उसने भी मेरा साथ दिया। हम दोनों घर से भाग गए थे। उसने मेरी बहुत मदद की जब शुरुआत में मेरे पास कुछ भी खाने के लिए नहीं था। तो वह घर से कुछ पैसे अपने साथ लेकर आई थी। जिससे हमारा खर्चा चल पा रहा था।

एक दिन यह बात मेरे पिताजी को पता चल गई कि मैं आगरा में हूं तो वह हमे ढूंढते-ढूंढते मेरे घर तक पहुंच गये और जब वह मुझे मिले तो वह मुझ पर बहुत गुस्सा थे और कहने लगे कि तुमने यह बहुत गलत किया है।

मैंने उन्हें कहा कि यदि आपको अब यही लगता है कि मैंने गलत किया है तो आप मुझ से कोई संबंध मत रखिए लेकिन वह कहने लगे कि तुम आखिरकार मेरे बेटे हो। मैं तुमसे संबंध कैसे नहीं रख सकता।

जब से तुम घर से भागे हो मुझे कितनी बातें सुननी पड़ी है। लोगों ने मुझे बहुत ताने मारे कि तुम्हारा लड़का हमारे ही गांव की लड़की को लेकर भाग गया और मुझे बहुत शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है।

अब तक लोग मुझे इस बारे में ताने मारते रहते हैं। मैंने उन्हें कहा कि मेरे पास भी कोई रास्ता नहीं था। इस वजह से मैंने यही फैसला लेना उचित समझा। जब उन्होंने मेरे बच्चों को देखा तो वह बहुत खुश हुये और कहने लगे कि मैंने तुम लोगो को इतने सालों बाद देखा है और बहुत खुश हूं। अब उन्होंने मुझे माफ कर दिया था और वह भी अक्सर मेरे पास आ जाया करते थे। क्योंकि मेरी मां का देहांत हो चुका है और घर में मैं ही उनका एकलौता लड़का हूं।

मेरे पिताजी माँ के देहांत के बाद अकेले ही रह गए थे और मेरे पास आ जाया करते थे। एक दिन हमारे पड़ोस में रहने वाले शर्मा जी ने मुझे कहा कि मेरी गाड़ी कि तुम सर्विसिंग करवा देना। मैंने उन्हें कहा कि ठीक है मैं आपकी गाड़ी की सर्विसिंग करवा दूंगा। उन्होंने उस दिन मुझे चाबी दे दी और कहने लगे कि मेरे पास तो समय नहीं होगा।

परंतु तुम गाड़ी की सर्विसिंग करवा देना और मैं कहीं बाहर जा रहा हूं। तुम गाड़ी मेरे घर पर खड़ी कर जाना। मैंने उन्हें कहा ठीक है। मैं गाड़ी की सर्विसिंग करवा कर आपके घर में ही गाड़ी दे जाऊंगा। अब मैं उनकी गाड़ी अपने सर्विस सेंटर ले गया और उसकी सर्विसिंग मैंने अच्छे से करवा दी। मैं वापिस गाड़ी उनके घर पर ले आया।

जब मैं शर्मा जी के घर पहुंचा तो मैंने उनके दरवाजे पर नॉक किया। जैसे ही मैंने उनके दरवाजे को नॉक किया तो उनकी पत्नी अंदर से दरवाजा खोलने आई और जब उन्होंने दरवाजा खोला तो वह बहुत माल थी।

मैं उन्हें देखकर बहुत ज्यादा खुश हो गया और मैंने उन्हें कहा कि शर्मा जी की गाड़ी सर्विसिंग के लिए हमारे सर्विस सेंटर आई थी मैंने उसे ठीक करवा दिया है और आपको चाबी देने आया हूं। वह कहने लगी आप 2 मिनट हमारे घर बैठ जाइए मैंने गरमा गरम हलवा बनाया है उसे खाकर आप चले जाना।

अब मैं वह हलवा खाने लगा और मुझे उनकी बडी गांड दिखाई दे रही है उनके स्तन मेरी आंखो के सामने थे। मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उनके स्तनों को दबाना शुरु कर दिया और जैसे ही मैंने उनके स्तनों को दबाया तो उन्होंने मुझे किस कर लिया और मेरे होठों को चूमने लगी।

वह बहुत ही अच्छे से मेरे होठों को किस कर रही थी जिससे कि मुझे बहुत मजा आ रहा था और ऐसा लग रहा था कि उनके अंदर सेक्स की भावना जाग चुकी है। मैंने उनके सारे कपड़े खोल दिए और उनके स्तनों को अपने मुंह के अंदर लेना लगा। मैने उनके दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए उनकी योनि को चाटना शुरू किया।

मैं बहुत ही अच्छे से उनकी चूत को चाटे जा रहा था जिससे उनकी चूत से पानी निकल रहा था। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब उनका चूत गीली हो चुकी थी।

मैंने उनकी योनि के अंदर जैसे ही लंड को घुसाया तो वह बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगी और चिल्लाने लगी। मैं भी उन्हें ऐसे ही चोदे जा रहा था। वह भी मेरा भरपूर साथ दे रही थी और कह रही थी तुम तो शर्मा जी से भी अच्छी तरीके से मुझे चोदे जा रहे हो।

अब मैं ऐसे ही उन्हें झटके दिए जा रहा था। जिससे कि उनकी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर आने लगा।

थोड़े समय बाद वह झड़ चुकी थी और मुझसे भी रहा नहीं गया और मेरा वीर्य उनकी योनि में गिरा तो मैंने तुरंत ही अपने लंड को उनकी योनि से बाहर निकाल लिया। जैसे ही मैंने उनकी योनि से बाहर निकला तो उन्होंने दोबारा से उसे अपने मुंह के अंदर समा लिया और बहुत अच्छे से चूसने लगी।

मेरा लंड दोबारा से खड़ा हो चुका था और मैंने उन्हें घोड़ी बना दिया। घोड़ी बनाते हुए मैंने उनकी चूत मे जैसे ही अपने मोटे लंड को दोबारा से प्रवेश करवाया तो वह चिल्लाने लगी। वह कहने लगी तुमने तो मेरी चूत को दोबारा से फाड़ दिया मैं ऐसे ही तीव्रता से चोदने लगा।

मैं इतनी तीव्र गति से चोदत जा रहा था कि उनके गले से बहुत तेज आवाज निकल रही थी। वह कहने लगी मुझसे तुम्हारा लंड की गर्मी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा है।

मैने उनकी चूतड़ों को बहुत कस कर पकड़ा हुआ था जिससे कि वह अपने चूतडो को सिर्फ आगे पीछे करने पर लगी हुई थी। उनका शरीर अब गर्म हो गया और उनसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हुआ वह ऐसे ही खड़ी रही और थोड़े समय में मेरा वीर्य भी उनकी योन मे गिर गया।

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