तौबा उसकी मस्तानी चूत

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मेरा नाम अंकित है और मैं मथुरा का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 30 वर्ष है और मैंने एक छोटी सी प्रोविजन स्टोर की दुकान खोल रखी है। मैं वहीं पर बैठता हूं और अपने दुकान को अच्छे से चलाता हूं।

मेरी दुकान मेरे घर से थोड़ा दूर पर है। इसलिए मैं अपने घर से अपने लिए टिफिन लेकर जाता हूं। एक बार मेरे चाचा का लड़का मेरी दुकान पर आया। वह मेरी उम्र का ही है। उसका नाम सारक है।

तो मैंने उससे पूछा तुम्हारा काम कैसा चल रहा है। वह कहने लगा मेरा काम बहुत ही अच्छे से चल रहा है और वह मुझसे भी पूछने लगा।

हम दोनों ऐसे ही बातें कर रहे थे। तभी उसने मुझे कहा कि तुम्हारी शादी की बात नहीं हुई। या फिर कहीं कोई लड़की तुमने देखी है। मैंने उसे बताया कि नहीं मैंने अभी तक कोई लड़की नहीं देखी है।

मेरे काफी पूछने के बाद तब उसने मुझे बताया कि मैंने अपने लिए एक लड़की देखी है और मैं उससे प्यार करता हूं। वह मेरे ऑफिस में ही जॉब करती है। मैंने उससे पूछा कि उसका नाम तो बताओ।

उसने कहा उसका नाम रमा है। मैं बहुत खुश हुआ और मैंने उसे कहा कि तुम मुझे रमा भाभी से कब मिला रहे हो। वह कहने लगा कि कुछ दिनों बाद मैं तुम्हें उस से मिलाता हूं।

वह फिर मेरी दुकान में आया और कहने लगा कि आज तुम मेरे साथ रमा से मिलने चलो। वह बहुत ही खुश था और मैं उसके साथ रमा भाभी से मिलने के लिए चला गया।

उसने जब मुझे उन से मिलाया तो वह देखने में बहुत ही सुंदर थी और बात करने में भी अच्छी लग रही थी। अब हम लोगों ने काफी देर तक बात की और हम दोनों का परिचय हो चुका था। ऐसे ही कई बार हम तीनों मिल लेते थे।

सारक ने भी इस बारे में अपने घर पर बात कर ली थी और उसके घर वाले भी इस रिश्ते के लिए मान चुके थे। उन दोनों की शादी करवाने के लिए उसके घर वाले राजी हो गए। उन दोनों की शादी की तैयारियां शुरू हो गई और शादी की तैयारी बहुत अच्छे से चल रही थी। मैंने भी उसमे उनकी बहुत मदद की।

उसके साथ मैं कपड़े लेने भी जाता और कई सारी शॉपिंग में मैंने उसकी मदद की और घर का जो भी काम होता वह भी मैंने किया। अब उन दोनों की शादी हो चुकी थी और वह बहुत ही खुश थे।

वह दोनों हनीमून पर दुबई भी घूमने गए थे। उन दोनों का रिलेशन बहुत ही अच्छा चल रहा था। मेरी मुलाकात कई बार सारक से हो जाती थी। तो वह कहता कि मेरा रिलेशन बहुत ही अच्छे से चल रहा है।

मैं भी बहुत खुश होता जब वह इस तरीके से मुझे बताता। उसका रिलेशन अच्छे से चल रहा है। कई बार उसकी पत्नी रमा भी मेरी दुकान पर आ जाती थी। वह भी मुझसे बहुत ही अच्छे से बात करते थे। एक दिन मैं अपनी दुकान का सामान लेने के सिलसिले में गया हुआ था। तभी मैंने रमा को किसी अन्य पुरुष के साथ देखा।

मैंने जैसे ही उसे उसके साथ देखा तो मेरी आंखें फटी की फटी रह गई। परंतु मैंने ऐसा सोचा कि हो सकता है उसका कोई रिश्तेदार हो लेकिन जब मैं उनके पीछे गया तो मुझे पता चला कि उन दोनों का आपस में संबंध है।

मैं इस बात से बहुत ज्यादा आहत हो गया और मैंने उन दोनों की फोटो भी ले ली थी। मैं रात भर यही सोच रहा था कि मै इसके बारे में सारक बता दूंगा तो कहीं उसे बुरा तो नहीं लगेगा लेकिन मैंने तब भी यह बात सारक को नहीं बताई। मेरे मन में यह दुविधा बहुत दिनों से चल रही थी।

एक दिन मैंने सोचा मैं दोबारा से रमा का पीछा करता हूं और मैंने देखा तो रमा दोबारा से उस पुरुष से मिल रही है। वह उसे एक होटल में लेकर जा रहा है मैंने भी होटल में अपना कमरा बुक करवा लिया और मैं यह सब देखने लगा।

उनकी खिड़की खुली हुआ थी और मैंने जैसे ही देखा वह उसकी चूत मे अपने लंड को डाल रहा था और उसे बड़े अच्छे से चोद रहा था। मैं यह सब देखकर बहुत ही हैरान रह गया लेकिन उसका शरीर बहुत ही नर्म और नाजुक था। वह इतना ज्यादा चमक रहा था कि मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था कि वह मेरी भाभी है।

मैंने जब उसकी गांड और स्तनों को देखा तो वह बहुत ही बड़े-बड़े थे। मुझे नहीं पता था कि उसकी गांड इतनी बड़ी है मैंने कभी भी उसकी गांड को इतने ध्यान से नहीं देखा था। उसकी कमर बहुत ही पतली थी उसमे बिल्कुल भी चर्बी नहीं थी और उसके स्तन एकदम से बाहर आए हुए थे।

वह पुरूष उसे घोड़ी बनाकर भी चोद रहा था और उसकी चूत बहुत ही अच्छे से मार रहा था। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं उसकी बड़ी-बड़ी चूतडो को देखता और थोड़े समय बाद उसका वीर्य पतन हो गया। वह दोनों वहां से चले गए मैं भी वहां से चला गया।

मैंने सोचा अब यह बात मैं रमा को बता ही देता हूं मैंने जब यह बात रमा को बताई तो वह मुझे कहने लगी कि तुम यह बात किसी को मत बताना। तुम्हें मेरी चूत मारनी है तो तुम आ सकते।

मैंने उसे कहा कि मैं तो तुम्हें एक अच्छी महिला समझता था लेकिन तुम तो एक नंबर की चुदकड निकली। वह कहने लगी कि मुझे बहुत से मर्दों का लंड लेना पसंद है। मैंने उसे कहा कि तुम मेरी दुकान में दोपहर के समय आ जाना और मैं तुम्हारी चूत वही मारूंगा। मैं दोपहर के समय अपनी दुकान पर ही था और वह मेरी दुकान पर आई।

मैं उसे अपने अंदर वाले कमरे में ले गया तो मैंने उसके कपड़े खोल दिए। मैंने सबसे पहले उसकी सलवार उतारी मैंने उसकी गांड को देखा तो मैं बहुत ही खुश हुआ और मैं उसको चाटने लगा।

उसकी गांड में एक भी बाल नहीं था और उसकी चूत मे भी एक भी बाल नहीं था। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं उसे देख रहा था मैं ऐसे ही अब उसकी गांड को देखता जाता और मुझे बहुत ही मजा आ रहा था।

मैंने रमा की गांड पर अपने हाथ से सहलाना शुरु किया और उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया। जैसे ही उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लिया तो वह बहुत ही अच्छे से चूस रही थी।

मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे यह कोई कॉल गर्ल हो। उसने मेरे लंड को पूरा अपने गले मे भर लिया।

अब मैंने भी उसके बड़े बड़े स्तनों को अपने मुंह में लेते हुए चूसने शुरू किया और उसके पतले होठों को भी काफी देर तक चूसता रहा। थोड़ी समय बाद मेरे अंदर की गर्मी बाहर निकलने लगी और मैंने उसे नीचे लेटाते हुए उसके अंदर अपने लंड को डाल दिया और मैं बड़ी तेज प्रहार करने लगा।

मैं ऐसे ही उसे बड़ी तीव्र गति से चोद रहा था। जिससे कि उसका पूरा शरीर हिल जाता और वह मुझे कहती कि तुम तो मुझे बहुत ही अच्छे से चोद रहे हो। लेकिन मेरा मन अभी नहीं भर रहा था और मैं उसे ऐसे ही झटके देता जाता।

थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य उसकी चिकनी योनि के अंदर गिर गया मेरा मन भर चुका था। थोड़ी देर तो मैं ऐसे ही बैठा रहा लेकिन उसने दोबारा से मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया।

अब मेरा लंड दोबारा से तैयार हो चुका था उसकी गांड मारने के लिए और मैंने पहले तो उसकी गांड को अच्छे से चाटा जिससे कि उसका चिपचिपा पदार्थ मेरे मुंह में गिरने लगा। मैंने अपनी दुकान से सरसों की बोतल से तेल निकालते हुए अपने लंड पर लगा दिया और थोड़ा बहुत उसकी गांड के अंदर डाल दिया।

मैंने एक ही झटके में उसके गांड के अंदर अपना लंड डाल दिया और ऐसे ही अंदर बाहर करने लगा। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं उसकी गांड के छेद में लंड डाल रहा था और वह मुझसे टकरा रही थी।

उसकी गांड गोलाकार थी मैं उसे देखकर बहुत ही मोहित हो रहा था और उसे देख भी रहा था। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं उसको देख रहा था और ऐसे ही धक्के देता जाता।

थोड़ी देर बाद उसकी गांड की कुछ ज्यादा ही गर्मी निकलने लगी और मैं उस गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पाया और मेरा वीर्य उसकी गांड के अंदर ही गिरा गया। वह मुझे कहने लगी कि मुझे बहुत ही मजा आया उसके बाद यह बात मैंने साराक को नहीं बताई। मै रमा को अक्सर अपनी दुकान पर बुला लिया करता हूं।

1 thought on “तौबा उसकी मस्तानी चूत”

  1. Maharashtra me kisi girl, bhabhi, aunty, badi ourat ya kisi vidhava ko maze karni ho to connect my whatsapp number 7058516117 only ladies

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