उफ्फ्फ ये लंड की गर्मी । sex story । hot sex story

"If you'd like to submit a paid guest post or sponsor a post on our website, please contact us at

4.7/5 - (3 votes)

मेरा नाम राजीव है और मैं अपना मेडिकल स्टोर चलाता हूं। मुझे काफी समय हो चुका है अपना मेडिकल स्टोर चलाते हुए और पहले मेरे साथ मेरी बहन भी मेडिकल स्टोर चलाया करती थी लेकिन अब उसकी शादी हो चुकी है

Build Your Dream Website Join Now
अपनी वेबसाइट बनाए Join Now

इसलिए मैं अपना मेडिकल स्टोर अकेले 2 वर्षों से चला रहा हूं। मेरी मेडिकल स्टोर के सामने ही एक बड़ा हॉस्पिटल है। जिसकी वजह से मेरा काम बहुत ही अच्छा चलता है और मैं अपनी दुकान में ही ध्यान देता रहता हूं।

एक दिन मेरी बहन का फोन आया और वह कहने लगी कि मुझे तुमसे मिले बहुत समय हो चुका है तुम मुझसे मिलने आ सकते हो। मैंने उसे कहा कि मैं देखता हूं यदि मैं समय निकाल पाया तो।

अगर मुझे समय मिल गया तो मैं तुमसे मिलने आ जाऊंगा। वह मुझसे जिद करने लगी और कहने लगी कि तुम काफी समय से मुझे मिले नहीं हो। इसलिए तुम घर पर आ जाओ। मैंने उससे कहा ठीक है।

मैं तुम्हारे घर पर आ जाता हूं। अब मैं सोचने लगा कि मुझे उसके घर पर चला जाना ही चाहिए उससे मिलने के लिए। मैं उसे मिलने मथुरा चला गया क्योंकि वह लोग मथुरा में ही रहते हैं।

जब मैं मथुरा गया तो मैं एक हफ्ते के लिए उनके घर पर रहने के लिए चला गया। मेरी बहन मुझे मिलकर बहुत खुश हुई और मुझे उसने गले लगा दिया। वह कहने लगी कि तुम कितने सालों बाद मुझे दिख रहे हो।

मैंने उसे कहा कि दुकान से मुझे बिल्कुल भी फुर्सत नहीं मिलती है और मैं ना तो अपने लिए समय निकाल पा रहा हूं और ना ही मेरे पास वैसे भी समय है। इस वजह से मैं तुम्हें नहीं मिल पाया। वह मुझसे मिलकर बहुत खुश थी।

मेरी बहन के पति का भी अपना एक बहुत बड़ा कारोबार है और वह उसे ही संभालते हैं। उनका पुश्तैनी कारोबार है। जिसे कि उनके पिताजी देखा करते थे लेकिन अब वह उस काम को संभालते हैं।

उनके भाई भी हैं लेकिन वह काम में बिल्कुल भी अपना मन नहीं लगाते हैं। उन्हें शराब की बहुत ही गंदी लत है। जिसकी वजह से वह सिर्फ शराब ही पीते रहते हैं और कई दिन तक अपने घर भी नहीं आते।

मेरी बहन के पति ने उन्हें कई बार समझाने की कोशिश की लेकिन वह बिल्कुल भी नहीं समझते। इसलिए उन्हें कुछ बोलना उन्होंने छोड़ ही दिया है और वह अकेले ही अब काम संभालने लगे हैं। मेरी बहन के देवर की शादी को भी एक वर्ष से ऊपर हो चुका है और उनकी पत्नी अपना एक ब्यूटी पार्लर चलाती हैं।

अब मैं अपनी बहन सरिता के साथ बैठकर बहुत सारी बातें कर रहा था। वह मुझसे घर के हाल चाल पूछ रही थी। मैंने उसे कहा घर में सब लोग बहुत अच्छे हैं और पिताजी की तबीयत भी अब अच्छी रहने लगी है।

वह भी सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाने लगे हैं और उनके घुटने का दर्द भी अब अच्छा है। अब वह मुझसे पूछने लगी तुम्हारा काम कैसे चल रहा है। मैंने उसे बताया  कि मेरा काम तो अच्छा ही चल रहा है। तुम भी तो पहले मेरे साथ दुकान में बैठा करती थी। हम लोगों ने बहुत सारी बातें की।

जब हम बात कर रहे थे तो उसी दौरान सरिता की देवरानी घर में आ गई। उसका नाम कविता है। जब उसने मुझे देखा तो वह मुझसे कहने लगी आप कब आये। मैंने उसे बताया कि मैं सुबह ही आ गया था।

अब वह भी हमारे साथ बैठी हुई थी। तभी अचानक से उनके पति के बारे में बात चल पड़ी तो वह कहने लगी की मैं अपने पति से बहुत ज्यादा परेशान हो गई हूं।

वह ना तो काम पर जाते हैं और ना ही कुछ कर रहे हैं। सिर्फ घर में बैठकर शराब ही पीते रहते हैं। या फिर कई दिनों तक वह गायब हो जाते हैं। कई दिनों तक तो वह घर भी नहीं आते।

Also Read : तेल लगा लंड डाला चिकनी गांड में

मैं उनके साथ रहकर बहुत ज्यादा परेशान हो गई हूं। तब मेरी बहन कहने लगी कि पहले वह इस तरीके से नहीं थे लेकिन अब पता नहीं उन्हें कुछ वर्षों से इस चीज की बहुत गंदी आदत हो गई है। हम लोगों ने भी उन्हें बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन वह बिल्कुल भी मानते नहीं हैं। हम लोग ऐसे ही बैठे हुए थे और तब थोड़ी देर में मेरी बहन के पति भी आ गए और वह मुझे देखते ही बहुत खुश हुए और कहने लगे आप कब पहुंचे।

मैंने उन्हें बताया कि मैं सुबह ही आ गया था। हम लोग काफी देर तक बैठे रहे। उसके बाद वह मुझे अपने छत पर ले गए। उन्होंने मेरे लिए एक शराब की बोतल अपने अलमारी से निकाल ली।

अब हम साथ में ही बैठकर शराब पी रहे थे और आपस में बातें कर रहे थे। वह मुझसे मेरे काम के बारे में पूछते और मैं भी उनसे उनके काम के बारे में पूछ रहा था। थोड़ी देर बाद हम दोनों छत से नीचे आए और हम दोनों ने खाना खाया।

उसके बाद वह मुझे गेस्ट रूम में ले गए और मैं वहां लेटकर अपने मोबाइल में गेम खेल रहा था। लेकिन मुझे नींद बिल्कुल भी नहीं आ रही थी और मैं मोबाइल में गेम ही खेलने पर लगा हुआ था।

मैं जैसे ही बाहर गया तो बाहर कविता बैठी हुई थी। मैंने उससे पूछा तुम अभी तक नहीं सोई वह कहने लगी थी मेरे पति अंदर सोए हुए हैं और वह बड़ी तेज तेज खराटे ले रहे हैं। मुझे नींद बिल्कुल भी नहीं आ रही है इसलिए मैं बाहर ही बैठी हूं। मैंने उसे कहा तुम अंदर आ जाओ और मेरे साथ लेट जाओ।

मुझे भी नींद नहीं आ रही हम दोनों बात कर लेंगे। जब मैंने उसे यह बात कही तो वह मेरे साथ अंदर आ गई। हम दोनों बैठ कर बातें करने लगे मेरी नजर उसके बड़े बड़े स्तनों पर थी और मैं उसके स्तन देखकर खुश हो रहा था। क्योंकि रात का समय था और मेरा मन उसे देखकर खराब होने लगा और मुझे बहुत मजा आ रहा था

जब मैं उसके चूचे और उसकी गांड को भी देख रहा था। मैं उसके बगल में जाकर बैठ गया मैंने उसके बालों को सहलाना शुरु कर दिया और थोड़ी देर बाद वह भी बहुत उत्तेजना में आ गई। उसने भी मेरे लंड को पकड़ते हुए हिलाना शुरू कर दिया और वह इतनी तजी से हिला रही थी कि मुझे बड़ा मजा आ रहा था।

मैंने उसके मुंह के अंदर अपने लंड को डाल दिया और जब मैंने उसके मुंह में अपना लंड डाला तो उसने अच्छे से चूसा। मेरे अंदर की सारी उत्तेजना बहुत ज्यादा बढ़ गई और मुझे बड़ा मज़ा आने लगा। मैं उसके मुंह के अंदर अपने लंड को डाले जा रहा था और बहुत अच्छे से उसे वह मुंह में लेने लगी।

थोड़ी देर बाद जब मेरा पानी टपकने लगा तो मैंने  उसके सारे कपड़े खोल दिए और जब मैंने उसका शरीर देखा तो वह किसी 18 वर्ष की लड़की की जैसी लग रही थी।

मैंने अब उसके स्तनों को चाटते हुए उसकी चूत को चाटना शुरू किया और जब उसकी चूत गीली हो गई तो मैंने तुरंत ही अपने मोटे लंड को अंदर डाल दिया। जैसे ही मैंने लंड अंदर डाला तो उसने हल्की सी अपने मुंह से आह आह की आवाज निकाली और मुझे बड़ा मज़ा आने लगा। अब मैं ऐसे ही उसे धक्के देने लगा।

मैंने उसके दोनों पैरो को खोल दिया और बड़ी तेजी से उसे चोदना शुरू कर दिया। मुझे बहुत मज़ा आने लगा और वह भी बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगे वह इतने मजे में हो गई थी वह कुछ ज्यादा ही अपने मुंह से आवाज निकालने लगी। मैंने भी उसके स्तनों को जोर से दबाना शुरु कर दिया और उन से दूध निकलने लगा।

मैं उसे अपने मुंह में लेकर पी जाता। मैंने भी उसके स्तनों को जोर से दबाने शुरू कर दिया और उन से दूध निकलने लगा मैं उसे अपने मुंह में लेकर पी जाता और थोड़ी देर बाद मैंने उसे उल्टा लेटा दिया। उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया  मैने उसे ऐसे ही रगड़ना शुरू किया। मै उसे तेज तेज झटके दिए जा रहा था।

वह मुझे कहने लगी कि आपने तो मुझे आज कमरे में ही तारे दिखा दिए मेरे पति तो कभी मेरे साथ ऐसा नहीं करते। मैंने उसके चूतड़ों को पकड़ा और उसे बड़ी तेजी से धक्के देने लगा। अब वह अपनी चूतडो को मेरी तरफ करती जाती जब वह मेरी तरफ करती तो मैं भी उतनी तेजी से झटके दे दिया करता और उसे फिर नीचे दबा देता।

मैं ऐसे ही अब उसे चोदे जा रहा था कुछ देरे बाद उसका झड़ गया तो उसने अपनी चूत को टाइट कर लिया और मेरा भी उसी समय वीर्य पतन हो गया। मैं उसके ऊपर ऐसे ही लेट कर सो गया मेरी आंख लग गई। जब मेरी आंख खुली तो उसकी चूत से सारा माल गिर रहा था और वह सो चुकी थी। मैं भी उसके बगल में ही सो गया।

Leave a comment