अपनी अन्तर्वासना चूत में निकाली

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हेल्लो मेरे प्रिय मित्रों और मेरी प्यारी परी सहेलियों कैसे हो आप सभी | उम्मीद करता हूँ

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आप सब का स्वस्थ होगे और हर दिन चुदाई का आनंद उठा रहे होगे | मेरा नाम है अजीत और मैं आज आपको अपनी एक कहानी बताने आये हूँ जो कि बिलकुल सच्ची है और इसमें कोई मिलावट नहीं है |

ये घटना मेरे साथ उस समय हुयी थी जब मैं जालंधर में काम के सिलसिले से गया था | में एक व्यापारी हूँ और मेरा काम बहुत जगह फैला हुआ है |

अच्छा खासा पैसे भी कमाता हूँ बस कोई सुन्दर और समझदार लड़की चाहिए थी जिसके साथ जिंदगी के मज़े लूट लूँ |

मेरे घर में बस मेरी माँ और मेरा एक छोटा भाई है और वो सब मुझे शादी के लिए बोलते रहते थे | मैंने भी सोच लिया था कि अब इनको बहु के अलावा कुछ नहीं देकिहेगा इसलिए शादी करनी पड़ेगी |

पर कोई भी लड़की पसंद नहीं आती थी | मैं उस लड़की की तलाश में था जो निस्वार्थ भाव से मेरे परिवार और मुझे प्यार करे ना कि मेरे पैसे को | इसलिए मुझे जो भी लड़की मिलती

मैं उसे मना कर देता | मैंने अपने दोस्तों का हाल देखा था शादी के बाद क्या हुआ था इसलिए मैं कोई भी गड़बड़ नहीं करना चाहता था |

दोस्तों आप शादी करते हो जिंदगी भर के लिए और अगर थोड़ी भी उंच नीच हो गयी तो पूरा जीवन बर्बाद हो जाता है और इसका खामियाजा दोनों को भुगतना पड़ता है |

साथ में परिवार को काफ्फी कुछ झेलना पड़ता है और बदनामी होती है वो अलग |

इसलिए मैंने माँ से कह दिया आपकी बहु सुन्दर भले ही ना हो पर परिवार को साथ लेके चलने वाली होगी | बस यही मेरी एक मांग है सब से और जो लड़की इस चीज़ को पूरा कर देगी मैं उससे शादी कर लूँगा |

मेरी माँ भी मुझसे सहमत थी इस बात के लिए और मैंने भी लड़किओं को देखना शुरू किया और आप तो जानते हो कई आते हैं और कई जाते हैं पर हमको निरंतर चलते रहना पड़ता है | यही सोच के मैं भी आगे बढ़ने लगा पर मुझे कोई भी रिश्ता जमा नहीं तो मैं उस तरफ ध्यान नहीं दे रहा था |

फिर अचानक मुझे जालंधर से फोन आया सर आपकी ज़रूरत है ऑफिस में और आप जितनी जल्दी हो सके यहाँ आ जाइये | मैंने सोचा कोई ज़रूरी काम होगा इसलिए मैंने शाम की ही फ्लाइट पकड़ ली और सीधा जालंधर चला

गया | वहां जाके देखा तो बस एक क्लिनेट मान नहीं रहा था उससे बात करनी थी | मेरा दिमाग बहुत गरम हो गया और मैंने पहले क्लाइंट से बात करके उसको मनाया फिर पूरे ऑफिस को मीटिंग के लिए बुलाया |

मैंने पुछा ये क्या बेवकूफी थी बस क्लाइंट से बात करने के लिए आप लोगों ने मुझे रायपुर से जालंधर बुलाया |

क्या चल क्या रहा है यह ? मैंने सबको चिल्लाते हुए कहा और कहा अगर काम नहीं हो पा रहा ही तो छोड़ के चले जाओ मैं किसी और को रख लूँगा या अपने पुराने बन्दों को लगा लूँगा कम से कम ऐसी बेवकूफी तो नहीं होगी |

सब सिर झुका के खड़े थे और मैं चिल्लाते जा रहा था | फिर मैंने पुछा यहाँ का मेनेजर कौन है जिसने मुझे फोन किया था और कौनसी टीम है जिससे ये सड़ा सा क्लाइंट संभाला नहीं जा रहा था |

पूरी टीम उस और मेनेजर को मैंने कहा एक साइड में आ जाइये और बाकी सब बाहर जाइए | मैंने कहा टीम भी बाहर जाओ आपके मेनेजर की गलती है आपकी नहीं | फिर मैंने देखा एक लड़की सिर झुकाए खड़ी है वहां पे |

मैंने कहा तो मैनेजर साहिबा आइये यहाँ पास आइये हम भी तो देखे कौन है वो जो हमारे काम नहीं संभाल पायी | वो बहु दरी हुयी थी और डरते डरते मेरे आने लगी धीरे धीरे | मैंने कहा आपको तो ये भी नहीं पता कि अपने बॉस के सामने कैसे आते हैं और आपको मैनेजर किसने बनाया |

उसने जैसे ही अपना सिर उठा के मेरे सवाल का जवाब दिया मैं उसको देखता रह गया | इतनी मासूम लड़की और इतनी प्यारी आवाज़ मैं तो उससे पहली नज़र में ही प्यार कर बैठा |

वो इतने प्यार से जवाब दे रही थी रो रो के और मैं उसे मुस्कुराते हुए देख रहा था | फिर मुझे एक दम से होश आया और मैंने उससे कहा अरे रो मत बैठो और पानी पियो |

उसने पानी पिया और कहा सर सॉरी आज के बाद आपको कभी भी शिकायत का मौका नहीं मिलेगा | मैंने कहा वो तो वैसे भी नहीं मिलना है उसने कहा सर प्लीज आप मुझे काम से मत निकालिए मैं बहुत मेहनत करके आई हूँ और ये जॉब ही मेरी आखरी उम्मीद है | मैंने कहा निकाल नहीं रहा हूँ बस तुमाहरी जगह बदल कर रहा हूँ |

उसने कहा सर मुझे कुछ समझ नहीं आया | मैंने कहा अब तुम मेरे पास काम करोगी रायपुर में | तुम्हे सबसे अच्छा बनना होगा और बनाने की ज़िम्मेदारी मेरी है | वो हल्का सा मुस्कुराई और कहा सर पर मेरी फॅमिली यहाँ है |

मैंने कुछ नहीं कहा और जाने लगा तो उसने फिर पुछा | मैंने कहा मैनेजर साहिबा रायपुर में आपके लिए एक घर ले दिया गया है अपनी फॅमिली के साथ परसों वहां पहुँच जाइये | मैं वापस आ गया अपने घर और माँ से कहा आपकी बहु मिल गयी है | माँ और छोटा भाई बहुत खुश हो गये और कहने लगे कहाँ है घर बुलाओ |

मैंने कहा बस माँ परसों घर भी आ जाएँगे | अब वो लोग आ गये और अगले दिन से वो ऑफिस भी आने लगी | धीरे धीरे मेरी बात चालु हो गयी और वो बिलकुल मासूम सी लड़की अपनी धुन में रहती |

एक दिन मैंने मन बनके कहा यार मुझे तुमसे शादी करनी है | एक पल के लिए तो जैसे सब रुक सा गया और फिर उसने मुझसे पुछा आपने मुझसे कुछ कहा ? मैंने कहा हाँ तुमसे ही बोल रहा हूँ | पर उसने कोई जवाब नहीं दिया मैंने भी सोचा वो कुछ कह नहीं पाएगी या उसे मंज़ूर नहीं होगा इसलिए उसने कुछ नहीं कहा होगा |

मैं भी मायूस सा हो गया और जब सब ऑफिस से चले गये तब मैंने भी सोचा चलो अब मैं ही सब बंद कर देता हूँ और चलता हूँ | तभी मेरा फोन बजा और आवाज़ आई कहाँ है आप | मैंने कहा ऑफिस में कोई दिक्कत है

बताओ अभी ठीक कर देता हूँ | उसने कहा इतनी देर तक काम करना अच्छा नहीं है पत्नी को टाइम देना भी ज़रूरी हैं | मैंने कहा मतलब ??? उसने कहा जी मुझे आपका रिश्ता मंज़ूर है और कल घरवाले आ रहे हैं आपके घर |

मैं तो ख़ुशी के मारे झूमने लगा और सोचने लगा कि चलो आखिरकार मेरा काम बन गया और मुझे एक अच्छी लड़की मिल ही गयी | अगले दिन वो सब आये और हमने उनका खूब आदर सत्कार किया और उनको सब पसंद आया और रिश्ता तय हो गया | अब वो ऑफिस की मालकिन थी पर वो उसी हैसियत से वहां काम करती थी

और मेरा भी साथ में ख्याल रखती थी | एक दिन सब चले गये और मुझे भी ठीक सा नहीं लग रहा था | वो मेरे पास आई और कहा आप ठीक हो और मेरा सर अपनी गोद में रख लिया | धीरे धीरे उसने मेरे बाल सहलाना चालु किया और मैंने धीरे धीरे उसके होंठ के पास जाना चालु कर दिया |

अब मैंने उसे हलके से किस किया और वो भी मना नहीं कर रही थी | मैं भी उसे चूमे जा रहा था और मस्ती में उसके दूध दबा रहा था वो बेकाहरी इस सब से अनजान मेरा साथ दे रही थी |

मैंने उसको नंगा किया और उसके दूध पीना शुरू किया | थोड़ी देर बाद वो ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म

ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह करने लगी |

वो नयी थी इसलिए उसको मैंने अपना लंड नहीं चुसाया | अब मैं उसके पेट और चिकने बदन पे अपना हाथ फेर रहा था और चाट रहा था | धीरे धीरे मैं नीचे गया और उसकी चूत को चाटने लगा | वो मादक आवाज़ में ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म

ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्

आअह्ह्ह्ह करने लगी | फिर मैंने अपने खड़े लंड को धीरे से उसकी चूत में डाला और अध अन्दर किया | वो रोने लगी और कहने लगी नहीं अब निकालो

डर हो रहा है | फिर मैंने उसको किस किया और एक और झटके में पूरा लंड अन्दर कर दिया | उसकी सांस गले में अटक गयी और वो कहने लगी नहीं बस करो प्लीज | मैंने उसको किस करना चालु किया और चोदता रहा वो भी थोड़ी देर बाद ऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ

आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह

आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह करने लगी | मुझे भी मज़ा आने लगा और मैं भी ऊऊउम्म्म्म

ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्हऊऊउम्म्म्म

ऊऊन्न्ह्ह आआआअह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह करते हुए उसको चोदता रहा | पर हमने सिर्फ एक बार चुदाई की और उसके बाद शादी करने के बाद ही चुदाई करने का फैसला किया |

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