मज़बूरी बनी चुदाई की वजह

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हैल्लो फ्रेंड्स, कैसे हैं आप सभी ? मैं आशा करती हूँ

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कि आप सभी अच्छे होंगे | मेरा नाम नर्गिस है और मैं कानपुर की रहने वाली हूँ |

मेरी उम्र 24 साल है और मैं दिखने में सांवली हूँ पर मेरा भरा बदन ऐसा है कि जिसे देख कर हर कोई चोदने की चाहत करने लगता है | मेरी हाईट 5 फुट 6 इंच है और मेरा फिगर 32-34-38 का है |

दोस्तों मैं चुदाई की कहानियाँ कुछ समय से पढ़ रही हूँ और मैंने सोचा कि आप लोगो के साथ अपनी आप बीती पेश करू | आज जो मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी पेश करने जा रही हूँ

ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप सभी को मेरी कहानी पसंद भी आयगी और मजा भी आयगा | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय ना लेते हुए सीधा अपनी कहानी में आती हूँ | अगर आप लोगो को मेरी इस कहानी में कोई गलती नजर आये तो मुझे माफ़ करना |

ये घटना पिछले साल की है | दोस्तों, मेरे घर में मेरे अलावा अम्मी और तीन बहने और हैं |

मेरे अब्बू के देहांत के बाद मानो जैसे जिन्दगी में तूफ़ान ही आ गया | मैं उस समय छोटी थी तो अम्मी ने मेरा स्कूल भी छुडवा दिया और कहा कि मैं काम करने जाउंगी तब तू इन तीनो का ख्याल रखना | मैं भी समझ गयी कि मेरी जिन्दगी में लगाम लग गई है |

पर एक दिन मैं अम्मी जहाँ काम करती हैं वहां गई थी किसी काम से तो वहां के मालिक ने मुझसे कहा बेटा अपनी परिस्थिति से लड़ना सीखो और पढाई मत छोड़ो |

यही एक ऐसा जरिया है जिसकी वजह से तुम मुकाम हासिल कर सकती हो | फिर उन्होंने अम्मी को भी समझाया | फिर उन्होंने मेरा एडमिशन और फीस के लिए भी व्यवस्था करवा दिए | फिर मैंने स्कूल जाना शुरू की और मैं हमेशा अव्वल आती थी |

अम्मी को मेरी पढाई के प्रति लगन देख कर लगा कि मुझे और आगे पढना चाहिए | फिर मैंने बारवी के बाद कॉलेज में भी दाखीला दिला दिया | फिर मैं कॉलेज भी अच्छे नंबर से पास कर लिया | इसके बाद मैंने सोचा कि जब मैंने इतनी मेहनत की है तो सरकारी नौकरी के लिए भी तैयारी कर लू |

मेरी पढाई और लगन से मेरी मेहनत से किस्मत रंग लाई | मेरा एक बैंक में सिलेक्शन हो गया लेकिन मुझे उसके लिए दिल्ली जाना था | जब मैं दिल्ली आई तो जो मेरे मेनेजर थे उन्होंने मेरी काफी हद तक मदद की |

अब मुझे किराये के घर की जरुरत पड़ी तो उन्होंने कहा कि एक पंडित जी हैं वो अकेले ही रहते हैं और घर उनका काफी बड़ा है | तो मैंने उनसे पूछा कि मैं एक मुस्लिम हूँ क्या वो मुझे अपने घर रहने देंगे |

तो उन्होंने वादा किया कि तुम मेरा नाम लेना वो तुम्हे रहने देंगे | मैंने कहा ठीक है और फिर वहां से बैंक से छूटने के बाद पंडित जी के पास गई | मैंने पंडित जी से कमरे की बात की और उन्होंने मुझसे कहा ठीक है तुम रहने लगो |

फिर कुछ देर ऐसे ही बैठ कर नार्मल बात की और मैंने अगले दिन शाम को ही अपना सामान शिफ्ट कर लिया | जब से मेरी जॉब बैंक में लगी है तब से मेरे घर की स्थिति में काफी हद तक सुधार हुआ है |

मैं बहुत खुश थी कि मैं अपने घर के लिए कुछ कर पा रही हूँ | पंडित जी एक 50 साल के व्यक्ति हैं और शादी के दो दिन बाद ही उनकी पत्नी का देहांत हो गया |

वो इस घर में काफी समय से अकेले ही रह रहे थे | एक दिन मेरा मान नॉनवेज खाने का हुआ तो उन्होंने मुझे मना नहीं किया और कहा कि मेरे लिए भी थोडा बना देना | मैं खुश हो गई कि चलो ये मेरे साथ हैं |

कभी वो नॉनवेज लाते तो कभी मैं उनके लिए भी ले जाती | उन्होंने तो मुझे यहाँ तक इजाज़त दे दी थी कि मैं उनके किचन में खाना बना सकती थी | हम दोनों खाना भी साथ खाते हैं |

एक बार मुझे कुछ पैसे अपने घर भेजने पड़े क्यूंकि अम्मी की तबियत ख़राब थी | मैंने पंडित जी से कहा कि मैं किराया अगले महीने दे दूंगी तो उन्होंने कहा देखो तुम्हे अभी जरुरत है तो तुम मुझसे 10 हजार और ले लो |

देते रहना जब तुम्हारे पास हो | उस दिन पंडित जी की इज्जत मेरे दिल में और बढ़ गई | एक दिन की बात है सन्डे का दिन था तो मैं घर में ही थी | जब मैं नहा रही थी तो मैंने देखा कि पंडित जी मुझे नहाते हुए देख रहे हैं |

फिर जल्दी से वहां से हट कर चले गए | मुझे थोडा गुस्सा तो आया पर मैंने उन्हें कुछ नहीं कहा | मैं नहा कर उनके पास गई तो वो मुझसे माफ़ी मांगने लगे और अपने किये पर शर्मिंदा भी थे |

मैंने उनसे कहा आप माफ़ी मत मांगिये मैं आप की मज़बूरी समझ सकती हूँ | आप इतने सालो से अपनी पत्नी के बगैर रह रहे हैं मैं समझ सकती हूँ कि आप भी सम्भोग चाहते हैं | मैं भी एक लड़की हूँ मुझे भी जिस्म की चाहत है पर मज़बूरी है | हो सकता है कि मेरी मज़बूरी चुदाई का कारण बन जाए |

आपने भी मेरी मदद बिना सोचे कर दिए तो अगर मैं आप के किसी भी काम आ सकूँ तो मैं जरुर आप की मदद करुँगी | यहाँ तक की मैं आपके तन की आग भी बुझा सकती हूँ |

ये बात सुन कर वो खुश हो गए और मैंने भी उनकी तरफ देख कर मुस्कुरा दिया | फिर हम दोनों पास आये और एक दुसरे के होंठ में होंठ रख कर एक दुसरे के होंठ का रसपान करने लगे | उनके मोटे होंठ मेरे नरम होंठ पर हावी हो रहे थे | 15 मिनट तक किस करने के बाद उन्होंने मेरे कुरते को उतार दिया और मेरे ब्रा के ऊपर से ही मेरे मम्मो को दबाने लगा तो मेरे मुंह से आहा ऊउंह ऊम्मंह आहाआ ऊउन्न्ह ऊम्म्ह की सिस्करिया निकलने लगी |

फिर उसने मेरे ब्रा को भी उतार दिया और मेरे मम्मो को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा बारी बारी से तो मैं आहा ऊउंह ऊम्मंह आहाआ ऊउन्न्ह ऊम्म्ह करते हुए उसके सिर पर हाँथ फेरने लगी |

वो मेरे मम्मो को बारी बारी से चूसते हुए निप्पलस भी खींच खींच कर चूस रहा था और मैं आहा ऊउंह ऊम्मंह आहाआ ऊउन्न्ह ऊम्म्ह की सिस्कारिया भर रही थी |

फिर मैंने उनकी धोती खोल दी तो मेरे सामने एक 8 इंच का लंड फन निकाले बैठा हुआ था | फिर हम बिस्तर पर गए और मैंने उनके लंड को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया तो वो आहा ऊउंह ऊम्मंह आहाआ ऊउन्न्ह ऊम्म्ह करते हुए मेरी चुछियों को मसलने लगे जिससे मैं और ज्यादा उत्तेजित होने लगी |

उनके लंड को चाटने के बाद अपने मुंह में डाल कर अन्दर बहार करते हुए चूसने लगी तो वो आहा ऊउंह ऊम्मंह आहाआ ऊउन्न्ह ऊम्म्ह करते हुए मेरे मुंह की चुदाई करने लगा |

मैं बहुत अच्छे से उनके लंड को चूस रही थी और वो सिस्कारिया लेते हुए आनन्द ले रहे थे | फिर उन्होंने मुझे पूरा नंगा कर के अपने बिस्तर पर लेटा दिया और मेरी दोनों टांगो को फैला कर अपनी जीभ मेरी चूत में रगड़ते हुए चाटने लगा तो मैं आहा ऊउंह ऊम्मंह आहाआ ऊउन्न्ह ऊम्म्ह करते हुए मचलने लगी |

वो मेरी चूत को चाटते हुए मेरे चूत के दाने को भी चूसने लगा तो मैं आहा ऊउंह ऊम्मंह आहाआ ऊउन्न्ह ऊम्म्ह करते हुए उसके सर को अपनी चूत में दबाने लगी | मैं चाह रही थी कि वो अपनी जीभ मेरी चूत के अन्दर पूरा डाल कर चूसे | मेरा इशारा भी वो समझ गया |

अब उसने अपने अपना मोटा लंड मेरी चूत में टिका कर अन्दर डाल दिया और धक्के लगाते हुए चोदने लगा तो मैं आहा ऊउंह ऊम्मंह आहाआ ऊउन्न्ह ऊम्म्ह करते हुए आन्हे भरने लगी |

फिर उसने अपनी चुदाई कि स्पीड बढ़ा दिया और जोर जोर से धक्के मारते हुए चोदने लगा तो मैं भी आहा ऊउंह ऊम्मंह आहाआ ऊउन्न्ह ऊम्म्ह करते हुए चुदाई में उसका साथ देने लगी |

फिर उसने मुझे वहीँ घोड़ी बनाया और मेरी चूत में पीछे से लंड डाल कर चोदने लगा तो मैं आहा ऊउंह ऊम्मंह आहाआ ऊउन्न्ह ऊम्म्ह करते हुए अपनी गांड आगे पीछे करते हुए चुदवा रही थी |

करीब आधे घंटे तक उसने मुझे चोदा और ढेर सारा माल मेरी चूत में ही भर दिया | उसके बाद हम दोनों ने दो बार और चुदाई किये | अब हम साथ ही में सोते हैं चुदाई करने के बाद |

तो दोस्तों ये थी मेरी जवानी की कहानी आशा तो यही है आपको पसंद आएगी अगर नहीं भी आई तो जाओ अपनी माँ चुदाओ और गांड में अपना लंड दाल के खुद को छोड़ो भगो तुमाहरी बहन का भोसड़ा |

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