चुदाई के बहाने और लंड के फ़साने

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हेल्लो मेरे प्यारे दोस्तों आज आपको मेरे लंड से सादर प्रणाम | मेरा नाम है राजू और मैं बेचता हूँ काजू | तो मेरे दोस्तों आज मैं आपके साथ एक कहानी शेयर करने वाला हूँ जिसमे मैं आप सब को एक दोस्त की कहानी बताऊंगा

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जिसमे उसने अपनी बहन की सहेली को चोद दिया | है तो खेर वो बड़ा हरामी क्यूंकि उस मादरचोद के पास चुदाई के अलावा और कोई काम नहीं है | मैं भी उसके साथ शामिल रहता हूँ और मुझे कुछ भी कहने की ज़रूरत नहीं है

जब आप कहानी पढोगे तो खुद समझ जाओगे | दोस्तों इस कहानी में आप सब को पता चलेगा दोस्त बनाओ पर उसको कभी घर मत लेकर जाओ नहीं तो पता नहीं उसकी नियत कब और कहाँ फिसल जाए |

तो मेरे दोस्त का नाम है अरुण और उसका काम धंदा कुछ नहीं है बस वो दूसरों से चिपका रहता है | वो साला चुप रहता है पर अन्दर ही अन्दर सब गोलमाल करता है |

मैंने उससे दोस्ती की पर मुझे इन सब चीज़ों के बारे में पता था इसलिए मैंने अपने मन को शांत किया और खूब सोचा पर उसे कभी घर के अन्दर तक आने का मौका नहीं दिया |

दोस्तों आप भी मेरी यह बात मानो और कभी किसी को इतने पास नहीं आने देना |

तो अब मैं शुरू करता हूँ अपना किस्सा या कहानी जो चाहो कहलो सुनाऊंगा तो मैं ही और सुनोगे आप | तो दोस्तों मैं एक सीधा सा इंसान हूँ और मुझे ज्यादा चालाक लोग और उनकी चालाकी बिलकुल भी पसंद नहीं है |

पर ना जाने कैसे मेरी किस्मत ने एक मोड़ लिया और अरुण जैसा लड़का मेरा दोस्त बन गया | वो अक्सर मुझसे चिपका रहता और हम लोग काफी साथ में घूमते फिरते पर मुझे उसकी हरकत कुछ ठीक नहीं लगती थी |

एक बार की बात है मेरा एक दोस्त है विजय जिसकी वजह से अरुण मेरा दोस्त बना और उसी ने मुझे बताया था कि भाई अगर इस लड़के को अपन ने अपने साथ शामिल कर लिया तो अपने लिए काफी सारे नए रास्ते खुल जाएंगे | मैंने भी सोचा ठीक है यार कौनसा साला इससे रिश्तेदारी निभानी है और इसलिए मैंने हाँ कर दी |

उसके बाद विजय ने हम दोनों को अपने घर बुलाया और कहा भाई तुम लोगों से कुछ ज़रूरी बात करनी है तुम दोनों आ जाओ | मैंने कहा ठीक है और उसने बताया अरुण सीधा यहीं आ रहा है इसलिए तू भी आजा |

मैंने कहा भाई बस पहुँच ही रहा हूँ अभी निकलता हूँ घर से खाना खाके | मैंने खाना खाया और माँ से कहा मैं थोडा लेट हो जाऊँगा आने में आप मेरा खाना बना के रख देना मैं रात में खुद ले लूँगा | माँ ने भी हाँ में सिर हिला दिया और कहा ठीक है पर आराम से जाना | मैंने माँ से कहा ठीक है माँ आप चिंता मत करो मुझे कुछ नहीं होगा |

अब मैं निकल गया विजय के घर के लिए और जब वह पहुँचा तो देखा अरुण वहीँ बैठा था और विजय उससे बात कर रहा था | विजय की बहन बहुत सुन्दर है और मैं उससे हर साल राखी बंधवाता हूँ |

जैसे ही मैं आया वो मुझे गले लग गयी और कहा भैया आप इतने दिनों के बाद आये हो गिफ्ट लिए बिना नहीं मानूंगी | मैंने भी कहा ठीक है तुझे मैंने किसी चीज़ के लिए मना किया है क्या ? वो हल्का सा मुस्कुराई और कहा रुको कॉफ़ी लेकर आती हूँ आपके लिए | उतने में विजय ने कहा अंजू सुन तीन कप कॉफ़ी बना के ले आना |

उसने हाँ में सिर हिला दिया और वो अन्दर चली गयी | मैं उस समय अरुण को देख रहा था और उसका चेहरा बता रहा था कि वो अंजू को गलत निगांहों से देख रहा है | मैंने उस समय कुछ कहना सही नहीं समझा | कुछ देर बाद अंजू आई कॉफ़ी लेकर और उसने मुझे पहले दी और फिर अरुण को दी |

अरुण ने उसके हाथ पे अपना हाथ लगाया और जोर से कहा !!! लग रहा है कॉफ़ी बड़ी अच्छी बनी होगी | अंजू ने तुरंत अपना हाथ पीछे किया और मुझे इशारे से अन्दर बुलाते हुए चली गयी | मैं कॉफ़ी पीते पीते बहाना मारके अन्दर गया तो उसने मुझे रोते हुए बताया भाई ये साला कमीना हर बार मेरे साथ ऐसे ही करता है और भैया की इस पर नज़र नहीं जाती | मैंने कहा तू रो मत आगे से ये ऐसा तेरे साथ तो क्या किसी के साथ नहीं करेगा |

अंजू मेरे गले से लग गयी और कहा प्लीज भाई इसको अच्छा सबक सिखाना | मैंने कहा तेरी कोई सहेली है जो थोड़ी ढीले स्वभाव वाली हो | उसने कहा भाई क्या बोल रहे हो ? मैंने कहा तेरी कोई ऐसी सहेली जो पैसे के लिए कुछ भी कर दे और सुन्दर भी हो | उसने कहा है तो सही पर मेरी उससे अच्छे से बात नहीं होती |

मैंने कहा जा और उससे कहना मेरा भाई है और वो तुझे अच्छे पैसे देगा बस उसका एक काम करना है | उसने कहा ठीक है बात करती हूँ उससे | मैंने भी ठान लिया था कि अब इस अरुण का ढोल पिटवा ही दूंगा |

अगले दिन अरुण मेरे घर पे आ गया पर मैंने उसे दरवाज़े तक ही रखा | वो कहने लगा भाई पहली बार आया हूँ घर के अन्दर नहीं बुलाएगा | मैंने कहा नहीं भाई मैं बस निकल ही रहा हूँ |

फिर हम दोनों नीचे आ गए और बात करते करते निकल गए | मुझे अंजू का फोन आया और उसने मुझे बताया कि भाई मेरी उस लड़की से बात हो गयी है वो आज शाम तुझसे घर पे मिलेगी | मैंने कहा ठीक है उसे सब बता तो दिया है ना तूने | उसने कहा हाँ बाकी तू बात कर लेना जो तुझे करनी हो |

मैंने कहा उस लड़की को मेरे घर का पता दे देना | शाम के सात बज गए और उस लड़की का कोई अता पता नहीं था | कुछ देर बाद मेरे घर के बाहर एक आवाज़ आई और मैंने सोचा चलो आ तो गयी |

मैंने दरवाज़ा खोला और उसको अन्दर बुलाया और उससे बात की | मैंने उसे सब कुछ बता दिया और उसने कहा काम हो जाएगा बोलो पैसा कितना मिलेगा | मैंने उसे तुरंत बीस हज़ार रुपये दिए और कहा बाकी काम के बाद |

अब अगले दिन मैंने अरुण को बुलाया अपने घर और उस लड़की को अपनी बहन बताकर उससे मिलवा दिया | मुझे लगा ये उसपे फ़िदा हो गया है और यही हुआ | मैंने बहाना बनाया और मैं निकल गया |

मैं बाहर से झाँकने लगा तो मैंने देखा अरुण उस लड़की के साथ किस करने की कोशिश कर रहा है और वो लड़की जैसा मैंने कहा था वैसा ही कर रही थी | कुछ देर बाद मैंने देखा उसने उस लड़की को अपनी बांहों में भरा हुआ था और वो उसके दूध दबा रहा था | वो लड़की उसके लंड को सहला रही थी और मैं उसका विडियो बना रहा था |

दोनों एक दम नंगे थे और अरुण अपने बड़े को लंड को उससे चुस्वाने के लिए मरा जा रहा था | वो लड़की आराम से अपने दूध उससे दबवा रही थी | कुछ देर बाद अरुण ने उसके दूध को चूसना चालु कर दिया और उस लड़की ने उसके लंड को अपने हाथ में भरके हिलाना शुरू कर दिया |

फिर अरुण उठा और उसने अपना लंड उस लड़की के मुह में भर दिया और उससे चोसने को कहने लगा | वो लड़की आराम से उसका लंड चूस रही थी और अरुण आआआआआआह्हह्हह्हह्हह्हह्हह ऊऊऊऊऊउम्मम्मम्मम्मम्मम ऊऊफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़ आआअह्हह्हह्ह आआअह्ह्ह्ह्ह् कर रहा था |

थोड़ी देर तक चूसने के बाद अरुण ने उसको लेटा दिया और उसकी चूत में ऊँगली करने लगा और वो उसका लंड चूस रही थी | 10 मिनट बाद अरुण ने आआआआआआह्हह्हह्हह्हह्हह्हह ऊऊऊऊऊउम्मम्मम्मम्मम्मम ऊऊफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़ आआअह्हह्हह्ह आआअह्ह्ह्ह्ह् करते हुए अपना माल उसके मुह में भर दिया |

अब अरुण नीचे बैठा और उसने उस लड़की की चूत में अपनी जीभ लगायी और उसकी चूत को चाटने लगा | उसकी चूत गजब की गीली हो गयी थी | और अरुण उसकी चूत जमके चाट रहा था और उससे निकलता हुआ पानी भी पी रहा था | वो लड़की आआआआआआह्हह्हह्हह्हह्हह्हह ऊऊऊऊऊउम्मम्मम्मम्मम्मम ऊऊफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़ आआअह्हह्हह्ह आआअह्ह्ह्ह्ह् कर रही थी |

कुछ देर यही चला और उसके बाद अरुण का लंड फिर से खड़ा हो गया और उसने अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया और उसको धीरे धीरे चोदने लगा |

वो लड़की आआआआआआह्हह्हह्हह्हह्हह्हह ऊऊऊऊऊउम्मम्मम्मम्मम्मम ऊऊफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़ आआअह्हह्हह्ह आआअह्ह्ह्ह्ह् कर रही थी और १५ मिनट की चुदाई के बाद रफ़्तार बढ़ गयी |

कुछ देर और चुदाई हुयी और उसका माल फिर से निकल गया | दोनों नंगे लेटे हुए थे उतने में मैं अन्दर गया |

अरुण तुरंत उठ गया और लड़की वैसे ही लेटी रही | उसने कहा भाई आ गया उसने कहा कैसा भाई ये तो तुझे फ़साने के लिए था |

उसके होश उड़ गए जब मैंने उसको विडियो दिखाया |

फिर मैंने कहा अब इस रंडी से तू शादी करेगा और मेरी बहन का बदला पूरा होगा और अंजू को अन्दर बुला लिया और उसके चेहरे पे ख़ुशी के आंसू देखके मेरा दिल फिर से खिल उठा |

1 thought on “चुदाई के बहाने और लंड के फ़साने”

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