मल्लू भाभी की चूत में लौंडा

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हेल्लो दोस्तों मेरी तरफ से आप लोगो को राम राम | कैसे हो आप लोग | आशा करता हूँ की आप सभी लोग ठीक-ठाक होंगे और रोज अपना कीमती वक़्त निकाल कर सेक्सी कहानिया पढ़ते होंगे |

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दोस्तों मैं आज आप लोगो को एक नयी कहानी बताऊंगा जिसमे मैंने कैसे अपने पडोस की गरम मल्लो भाभी को चोदा | आप लोग थोडा मेरे बारे में जान लीजिये फिर मैं आप लोगो को सीधा कहानी की ओर ले चलता हूँ |

दोस्तों मेरा नाम लकी शर्मा है | मैं कानपूर का रहने वाला हूँ | मेरा परिवार एक बहुत बड़ा परिवार है | जिसमे मेरे मम्मी-पापा और मेरे चाचा-चाची और उनके सभी बच्चे रहते हैं |

पापा मेरे स्पोर्ट्समेन हैं और बच्चो को क्रिकेट की ट्रेनिंग देते हैं और मम्मी एक सीधी-सादी हाउस बीवी हैं जो घर पर ही रहा करती है | दोस्तों मैं अपनी पढाई के साथ-साथ सेक्सी कहानियां भी लिखता हूँ

और रोज एक नयी कहानी लिखकर आप लोगो को पढवाता हूँ | दोस्तों आज मैं आप लोगो के लिए बहुत ही मस्त और सेक्सी कहानी लेके आया हूँ | जिसे पढके आप लोग चूत और चूत चोदने के आदि हो जायेंगे |

तो चलिए दोस्तों मैं आप लोगो को अपनी ज्यादा बकवास न सुनाते हुए सीधा आप लोगो को अपनी कहानी की ओर ले चलता हूँ | तो मेरे सभी मस्त भाइयो और बहनों ये बात उस समय की है जब मैं अपने शहर से बाहर अपनी पढाई करता था | और अपने घर पर साल में एक ही दो बार आता था वो भी जब मेरे कॉलेज में छुट्टियाँ होती थी |

मैंने अपनी जूनियर सेक्शन की पढाई अपने ही शहर से की थी और अपनी हायर पढाई के लिए बंगलौर चला गया था | मेरे शहर में कोई अच्छा कॉलेज न होने के कारण मेरे पापा ने मेरा एडमिशन बंगलौर के इन्जीनेरिंग कॉलेज में करवा दिया था और वहीँ के हॉस्टल में कमरा दिलवा दिया था | मैं यहाँ बंगलौर में आके बहुत खुस था |

रुपयों पैसों की कभी कोई दिक्कत नही होती थी | पापा टाइम से मेरी पॉकेट मनी मेरे अकाउंट में डाल दिया करते थे | जिंदगी बहुत ही मौज से कट रही थी | दोस्तों जब मैं अपने शहर में अपनी जूनियर सेक्शन की पढाई कर रहा था

तब मेरे लाइफ में दूर-दूर तक किसी लडकियो या बकचोदी से लेना-देना नही था | पर जबसे मैंने यहाँ बंगलौर के कॉलेज में एडमिशन लिया था तब से मेरा लड़की बाजी से ऐसा कनेक्शन जूडा की

मैं आज के समय में बंगलौर के कॉलेज में फेमस हूँ | यहाँ मेरे कुछ ऐसे दोस्त बने जिनके साथ में रहकर मैं पूरा ही लडुर और सेटियाबाज हो गया था | हम लोगो का कॉलेज में एक ग्रुप बन चूका था और उस ग्रुप से पूरे कॉलेज की फटती थी | यहाँ तक की कॉलेज के सीनियर भी हम लोगो से सोंच समझ कर बोलते थे |

एक दिन मैं और मेरे कुछ दोस्त छुट्टी में कॉलेज के बाहर बैठे थे | वहां हम छुट्टी में कॉलेज से बाहर निकलने वाली लडकियो को ताड़ रहे थे | तभी हम लोगो का एक दोस्त आया और बोला की भाई अगर

जिसको-जिसको चूत का मजा लेना है वो मेरे साथ आये | हम लोग थोड़ी देर तक बैठे रहे और उसके बारे में सोंचते रहे की क्या कह रहा है यार पागल तो नही हो गया है | तभी मेरा एक दोस्त पीछे से उठकर चल दिया |

धीरे-धीरे करके सभी चल दिए साले थे ही इतने चूत के आशिक | जब मैंने देखा की सब चले गये हैं तो पीछे से मैं भी चला गया | वहां गया तो देखा जों हमारे ग्रुप में सबसे हरामी लड़का था वो साला कॉलेज में काम करने वाली को बाथरूम में चोद रहा था | और पीछे से सभी लड़के लाइन में लगे खड़े थे | कॉलेज में छुट्टी हो ही गयी थी

और पूरा कॉलेज खाली पड़ा था | वो साला इतनी जोर-जोर से चोद रहा था की काम करने वाली की बाहर तक आह आह्ह आह्ह आह्ह अह्ह्ह आह्ह्ह आह्ह्ह अह्ह्हः आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह अहः अहः हहह अहह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह

आह हहह की सिस्कारिया आ रही थी | धीरे-धीरे सब गये और चोद के आये | जब मेरा नंबर आया तो में अन्दर गया और देखा की सालो ने उसकी चूत की खराबी कर दी थी | उसकी चूत से खून तक निकलने लगा था |

मेरा मन भाग गया यह सब देख कर | मैंने उसकी चूत चोदने का प्लान कैंसिल किया | मैंने अपनी पेंट खोली और अपना लंड उसके मुह में देके चूसने लगा | वो इतने अच्छे से मेरे लंड को चूस रही थी की

मेरे मुह ससे आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आः आहा आह आह आहा उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह इह्ह इह उन्ह उन्ह उन्ह आह आह आह आहा आहा अह आह की सिस्कारियां निकल रही थी | बाद में सब लोगो ने उसे 100-100 रूपये दिए |

कुछ दिन के बाद हम लोगो के फर्स्ट इयर के एग्जाम हुए और हम सभी दोस्त मिलकर एक पार्टी ऑर्गनाइज की | हम लोगो ने पार्टी में खूब दारू पी और जम कर डांस किया | हम लोगो ने एक पूरा क्लब ही बुक कर लिया था | हम लोगो ने उस क्लब में दारू पीके ऐसा उत्पात मचाया था की क्लब के मेनेजर ने हम लोगो के हन्ति ही जोड़ लिए थे |

पूरी रात तक हम लोगो ने पार्टी की और सुबह घर को आये | हॉस्टल में पूरा दिन सोये और जब शाम को ऊठे तो घर जाने का प्लान बनाया | एग्जाम के बाद छुट्टी काफी दिन की थी | तो मैंने सोंचा की क्यों न अपने घर ही टहल आया जाए | मुझे घर गये हुए 6-7 महीने हो गये थे | मैंने अपना सामान पैक किया और घर के लिए रवाना हो गया |

मैं स्टेशन आया और टिकेट लेके ट्रेन में बैठ गया | रात भर चलने के बाद मैं सुबह के 6 बजे अपने शहर के स्टेशन पर पहुंचा | मैंने पापा के फोन कर दिया था वो मुझे लेने स्टेशन पर आ गये थे | मैं अपने घर पहुंचा वहां मैं सबसे मिला और सबके पैर छुए | मैं रात का थका हुआ बहुत था और मुझे नींद भी आ रही थी |

मैं फ्रेश होकर थोडा नास्ता किया और फिर सो गया | पूरा दिन सोने के बाद जब शाम के 5 बजे तो मेरी नींद खुली तो मैं उठा उर फिर अपने दोस्तों से मीलने चला गया | मैं अपने पुराने दोस्तों से मिलकर बहुत ही खुस हुआ | जब मेरे दोस्तों ने मुझको देखा तो मुझको अपने सीने से लगा लिया | वो सब मुझको बहुत मानते थे |

रात को जब मैं अपने दोस्तों से मिलकर अपने घर आया | तो मेरे घर पर बैठी पड़ोस की मल्लो भाभी मम्मी से बाते कर रही थी | उन्होंने जैसे ही मुझको देखा वो खुस हो गई और अपना प्यार जताते हुए मुझको अपने सीने से लगा लिया | मैं चुप-चाप उनके गले से लगा रहा | मल्लो भाभी के बूब्स मेरे छाती में लग रहे थे |

मल्लो भाभी मुझे पहले वाला लकी समझती थी पर वो ये नही जानती थी की मैं कितना कमीना हो गया हूँ | थोड़ी देर तक उन्होंने मुझे अपने गले से लगाये रखा और फिर अपने पास बैठाल कर बाते करने लगी |

मल्लो भाभी ने मुझसे अपने घर पर घूम जाने को कहा | मैंने उनसे उनके घर पर आने को कहा की भाभी मैं जरुर आऊंगा आपके घर | अगले दिन मैं मल्लो भाभी के घर पर पहुंचा | मैं अन्दर गया और भाभी को आवाज दी |

मल्लो भाभी बाथरूम में बाथ ले रही थी | उन्होंने मुझे अंदर से ही बैठने को कहा | मैं वहीँ लॉबी में सोफे पर बैठ कर और मल्लो भाभी का वेट करने लगा | थोड़ी देर के बाद मल्लो भाभी बाथरूम से निकली

मैं उनको देख कर हैरान रह गया | उन्होंने अपने बदन केवल अपने पेटीकोट से ढक रखा था जिसमे मल्लो भाभी ने अपने बूब्स पर पेटीकोट बाँध रखा था | मैं मल्लो भाभी का वह द्रश्य देखकर हैरान रह गया | भाभी की गोरी-गोरी झांघे देख कर मेरा लंड खड़ा हो

रहा था | मल्लो भाभी मुझे बच्चा समझ कर वैसे ही मेरे पास बैठ गयी आके | मैं अब पूरी तरह से गरम हो चूका था और अब मुझसे बर्दास्त नही हो रहा था | मल्लो भाभी मेरे बिलकुल साइड में बैठी थी

मैंने अपना हाँथ मल्लो भाभी की झांघो पर रख दिया और सहलाने लगा | भाभी भी थोडा मुस्कुराई और मुझको शैतान बोलते हुए कमरे की ओर चल दिया | मैं भी पीछे-पीछे भाभी के कमरे में चला गया | भाभी खड़ी होकर अलमीरा से साडी निकाल रही थी |

मैंने भाभी को पीछे से उनकी कमर में हाँथ डालकर उनके गले को चूमने लगा | भाभी थोड़ी देर तक खड़ी रही और जब भाभी भी गरम हो गयी तब भाभी ने मुझे अपनी बेड पर बैठाल दिया और कमरे का दरवाजा बंद कर दिया | भाभी आके मेरी होंठो में अपनी होंठे डाल कर चूसने लगी मैं भी भाभी का बराबर साथ दे रहा था |

भाभी अपना पेटीकोट उतार कर बेड पर लेट गयी | मैंने भी अपने कपडे उतारे और भाभी के ऊपर चढ़ गया | मैंने भाभी के दोनों पैरों को अपने हाँथ में पकड़ा और फैला दिया | फिर मैं अपना लंड भाभी की चूत में डाल कर भाभी के ऊपर लेट गया और उनके बूब्स को पीते-पीते उनकी चूत में धक्के मारे जा रहा था |

भाभी भी थोड़ी देर के बाद अपने मुह से आह आह आह आह आहा आह्ह आह्ह आह्ह अह्ह्ह आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ऊंह ऊंह ऊंह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह

ओह्ह ओह्ह ओह्ह इह्ह इह्ह की सिस्कारिया निकाल रही थी | थोड़ी देर तक मैंने भाभी की चूत में धक्के दिए थे फिर मैं और भाभी एक ही साथ झड गये थे | मैंने अपने लंड का माल भाभी की चूत में ही छोड़ दिया था |

तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी | इस तरह से मैंने मल्लो भाभी की चूत में अपना लौंडा डाला |

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