चूत चाटता कोरिअर ब्वॉय । sex story । xxx story

"If you'd like to submit a paid guest post or sponsor a post on our website, please contact us at

Rate this post

यह कहानी आप हॉट सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे है

Build Your Dream Website Join Now
अपनी वेबसाइट बनाए Join Now

मैं और मां आपस में बात कर रहे थे मैंने मां से कहा मां तुम्हारी तबीयत कैसी है तो मां कहने लगी कि शालिनी बेटा तबीयत तो ठीक है लेकिन तुम मुझे यह बताओ कि तुम मुझसे मिलने के लिए कब आ रही हो

तुम तो अपनी बूढ़ी मां को भूल ही चुकी हो। मैंने मां को कहा मां मुझे तुम्हारी बहुत याद आती है और मैं सोच रही हूं

कि तुमसे मिलने के लिए मैं दो-चार दिन के लिए आ जाऊं वैसे राजीव की भी 4 दिन की छुट्टियां हैं तो मैं सोच रही हूं कि हम लोग तुमसे मिलने के लिए आ जाएं।

मां कहने लगी कि बेटा तुम लोग जल्दी से आ जाओ तुम्हें देखे हुए पता नहीं कितना समय हो गया और मेरी आंखें तो तरस ही गई हैं मैं तुम्हारा इंतजार करूंगी।

जब मैंने मां से मिलने की बात कही तो मां खुश हो गई और कहने लगी कि बेटा तुम कल सुबह तक पहुंच जाओगे। मैंने मां को कहां मां सुबह तो हम लोग घर से निकलेंगे

हम लोग दोपहर तक आ जाएंगे मां कहने लगी कि ठीक है बेटा मैं तुम्हारा और राजीव का इंतजार करूंगी।

राजीव अपने दफ्तर से लौटे तो मैंने राजीव को कहा कि राजीव हम लोग मां से मिलने के लिए चलते हैं काफी दिन हो गए हैं मैं मां से भी नहीं मिल पाई हूं।

Chut chatta courier boy hindi sex story

राजीव मुझे कहने लगे कि हां शालिनी यदि तुम चाहती हो तो हम चल लेते हैं राजीव भी मेरी बात मान चुके थे और अब हम लोग अपने बच्चों को लेकर अगले दिन सुबह मां के पास चले गए।

जब हम लोग मां के पास पहुंचे तो मां ने मुझे देखते ही गले लगा लिया मां मुझे कहने लगी कि मेरी प्यारी बिटिया कितने समय बाद घर आई है।

मैंने मां को कहा मां याद तो मुझे भी आपकी बहुत आती है लेकिन बच्चों के स्कूल और घर की जिम्मेदारियों से बिल्कुल समय ही नहीं मिल पाता है। मां मुझे कहने लगी बेटा मैं यह सब समझती हूं आखिर मैं भी इसी दौर से गुजर चुकी हूं और जब तुम्हारे पापा भी थे तो उस वक्त भी मेरे ऊपर ही घर की सारी जिम्मेदारी रहती थी।

मां ने भी अपने पुराने किस्सों को मुझे बताया मैं और मां आपस में बात कर रहे थे तो राजीव मुझे कहने लगे कि शालिनी मैं अभी आता हूं मेरा फोन स्विच ऑफ होने वाला है मैं कमरे में फोन को चार्ज पर लगा देता हूं।

राजीव रूम में चले गए और उन्होंने अपने फोन को चार्ज पर लगाया शायद उनका कोई जरूरी कॉल आने वाला था इसलिए उन्होंने उस वक्त फोन पर बात करना ही बेहतर समझा वह फोन पर बात कर रहे थे।

मां मुझसे कहने लगी कि तुम्हारे बच्चे भी काफी बड़े हो चुके हैं मैंने मां को कहा मां समय का तो पता ही नहीं चला कब हम दोनों की शादी को 15 वर्ष बीत गये और 15 वर्षों में कितना कुछ जीवन में बदल गया है

अब मैं पहले से ज्यादा समझदार हो चुकी हूं और अपने परिवार के प्रति मेरी जिम्मेदारियां कुछ ज्यादा ही बड़ चुकी हैं बच्चे भी अब बड़े होने लगे हैं और बच्चे भी समझदार होने लगे हैं।

मां कहने लगी कि बेटा तुम्हें जब भी मेरी जरूरत हो तो तुम मुझे फोन कर लिया करो। मैंने मां को कहा मां मैं तो हमेशा ही तुम्हें फोन करती रहती हूं

लेकिन तुमने मुझे यह नहीं बताया कि भैया और भाभी विदेश से कब लौट रहे हैं तुम्हें भी तो घर पर अकेला महसूस होता होगा। मां मुझे कहने लगी कि बेटा मुझे अकेलापन तो बहुत महसूस होता है

लेकिन तुम्हारे भैया की भी मजबूरी है वह भी अपनी नौकरी छोड़ कर मेरे पास नहीं आ सकते लेकिन तुम्हारे भैया अपनी पूरी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं

उन्होंने मेरी देखभाल के लिए घर पर एक नौकरानी को रखवा दिया है वही घर पर आकर सारा काम कर दिया करती है लेकिन जब तुमने मुझे बताया कि तुम लोग आ रहे हो

तो मैंने अपने हाथ से तुम्हारे लिए गाजर का हलवा और तुम्हारे पसंदीदा राजमा चावल बनाए हैं मैंने मां को कहा मां आप मेरा कितना ध्यान रखती हैं।

Also Read : गोद मे बैठते ही लंड टकराया

मैंने राजमा चावल खाया जब मैंने मां के हाथ का बना हुआ गाजर का हलवा खाया तो मैंने मां को कहा मां आपके हाथ में तो वाकई में जादू है आप खाना बड़ा अच्छा बनाती हैं और आपके खाने की तारीफ में अभी भी अपनी सहेलियों से करती हूं आपको वह दिन तो याद होगा जब मेरी सहेलियां घर पर आई थी और आपने उनके लिए खाना बनाया था

वह सब लोग अभी तक मुझसे आपके खाने की तारीफ करती हैं। मां भी इस बात से कहने लगी कि बेटा अब तो मैं बूढ़ी होने लगी हूं मैंने मां को कहा मां लेकिन आपके हाथ में वाकई में जादू है आप जिस प्रकार का खाना बनाती हैं

उससे मुझे भी लगता है कि मैं आपके जैसा खाना क्यों नहीं बना पाती। इस बात पर राजीव हंसने लगे और कहने लगे कि शालिनी तुम तो रहने ही दो मैंने राजीव को कहा अब तुम मेरा मजाक मत बनाओ राजीव कहने लगे कि मैं तुम्हारा कोई मजाक नहीं बना रहा हूं।

मेरी मां कहने लगी कि बेटा तुम दोनों का यह प्यार देखकर मुझे बहुत खुशी होती है और मैं चाहती हूं कि तुम दोनों हमेशा ऐसे ही एक दूसरे का साथ दो और एक दूसरे को ऐसे ही प्यार करते रहो। मां और मैं साथ में बैठे हुए थे

हम लोगों ने अब खाना खा लिया था मैं मां के साथ बर्तन धो रही थी मैंने मां को कहा मां आज क्या घर में काम करने वाली मेड नहीं आई मां कहने लगी कि मैंने उसे आज आने से मना कर दिया था।

मां के साथ समय बिताकर मुझे अच्छा लगा और कुछ पुरानी यादें ताजा हो गई हम लोग मां के साथ 4 दिन तक रुके और मां को भी बहुत अच्छा लगा। जब हम लोग वापस आ रहे थे तो मां काफी उदास नजर आ रही थी

मां ने मुझे कहा कि शालिनी बेटा मुझे तुम्हारी बहुत याद आएगी। मैंने मां को कहा मां मुझे तो आपकी याद हर रोज आती है और मैं सोचती हूं कि कब आपसे मिलने के लिए आ जाऊं मेरा मन तो करता है कि आप से मिलने के लिए दौड़ी चली आऊं लेकिन आपसे जब भी फोन पर मेरी बात होती है तो मुझे बहुत अच्छा लगता है।

मैंने मां को कहा मां आप अपना ध्यान रखिएगा अब हम लोग निकल चुके थे अगले दिन से वही जिंदगी शुरु हो गई बच्चों को सुबह स्कूल के लिए तैयार करो और राजीव भी अपने दफ्तर सुबह ही निकल जाया करते थे।

मैं घर पर अकेली बोर होती रहती थी तो मैं अपनी सहेलियों से फोन पर बात कर लेती लेकिन काफी समय से मेरी बात मेरी सहेलियों से भी नहीं हो पाई थी तो मैंने सोचा कि क्यों ना अपनी सहेली सरिता को फोन कर के बुलाऊं। सरिता को जब मैंने फोन कर के घर पर बुलाया तो सरिता घर पर आ गई और हम दोनों साथ में बैठकर बात करने लगे काफी समय बाद सरिता घर पर आई थी।

सरिता और मै साथ में बैठ कर बात कर रहे थे सरिता मुझे कहने लगी शालिनी तुमसे इतने दिनों बाद मिलकर अच्छा लग रहा है। मैंने सरिता से पूछा तुम आजकल क्या कर रही हो? वह मुझे कहने लगी कुछ भी तो नहीं बस मैं भी घर पर ही रहती हूं लेकिन सरिता सेक्स के लिए पूरी तरीके से पागल थी।

सरिता ने मुझे कहा यार मैं तो जब भी नौजवान और नए लड़कों को देखती हूं तो उन्हें मैं अपने बेडरूम में बुलाना चाहती हूं। मैंने सरिता से कहा तुम भी कैसी बात करती हो लेकिन सरिता कहां चुप रहने वाली थी।

सरिता ने भी मेरे अंदर की आग को जला दिया हम दोनों की ही किस्मत अच्छी थी उस वक्त हम लोग बात कर ही रहे थे तभी दरवाजे की घंटी बजी मैंने जब दरवाजा खोल कर देखा तो एक कुरियर बॉय खड़ा था।

सरिता ने उसे देखते ही अंदर बुला लिया और कहां हो तुम्हें आइसक्रीम खिलाएं सरिता ने उसके लिए आइसक्रीम ले आई उस लड़के को आइसक्रीम दी। जिस प्रकार से सरिता उसके सामने आइसक्रीम खा रही थी

उसका लंड भी तन कर खड़ा होने लगा था। सरिता उसके पास जाकर बैठी सरिता ने उसे अपने काबू में कर लिया वह भी सरिता की चूत मारने के लिए उतावला था। सरिता ने अपने कपड़े खोले वह सरिता के स्तनों को चूस रहा था

मै यह सब देख रही थी मैं भी अपने आपको रोक ना सकी मैंने भी अपने कपड़े उतारे और उस लड़के ने मेरे स्तनों को भी चाटा।उसने हम दोनों की चूत को चाटा और हमारी चूत से पानी बाहर निकाल दिया

मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगी मेरे अंदर की उत्तेजना जागने लगी थी। सरिता ने तो अपनी चूतड़ों को उस नौजवान के सामने कर दिया सरिता की चूत के अंदर वह अपनी उंगली घुसा रहा था। मैंने उसके मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर चूसना शुरू किया

मुझे उसके लंड को अपने मुंह में लेकर मजा आ रहा था मैं उसके लंड को बड़े ही अच्छे तरीके से अपने मुंह में लेकर चूस रही थी मुझे बहुत आनंद आता वह भी खुश था।

जब सरिता की चूत के अंदर उसने अपने लंड को डाला तो सरिता चिल्लाने लगी सरिता की चूत के अंदर उसका मोटा लंड प्रवेश हो चुका था वह बहुत चिल्ला रही थी।

सरिता को वह बड़ी तेजी से धक्के मारता थोड़ी देर बाद मैंने अपनी चूतड़ों को उसकी तरफ किया उसने सरिता की चूत से लंड को बाहर निकालते हुए मेरी चूत के अंदर डाला मैं भी चिल्ला उठी। मैंने सरिता को कहा तुम बिल्कुल ठीक कहती थी आज तो मुझे भी अच्छा लग रहा है सरिता मेरी तरफ देख कर मुस्कुराने लगी।

मैं उस नौजवान लड़के से अपनी चूतडो को मिलाने लगी वह सरिता की चूत के अंदर उंगली डाल रहा था सरिता को बहुत मजा आ रहा था। उसने मेरी इच्छा को तो शांत कर दिया जब

उसने सरिता की चूत के अंदर अपने लंड को डालकर सरिता की चूत का भोसड़ा बना कर रख दिया तो सरिता बहुत ज्यादा मचलने लगी थी और सरिता

उस से अपनी चूतड़ों को मिलाती। सरिता की चूतड़ों को बुरा हाल हो चुका था जैसे ही उसने सरिता की चूत के अंदर वीर्य गिराया तो सरिता खुश हो गई। उसके बाद वह नौजवान लड़का थक कर सोफे पर बैठ चुका था

और कहने लगा आप दोनों भाभियों ने आज मेरी मुराद पूरी कर दी मैं तो सोच रहा था आज मैं किसी को जाकर चोदू आप दोनों की चूत मार कर मुझे बड़ा मजा आया।

Leave a comment